नार्वे में नेहरू जयंती, आतंकवाद पर चिंता
- सुरेशचन्द्र शुक्ला
ओस्लो। गत सप्ताह ओस्लो में भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम की ओर से भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंती मनाई गई।
गोष्ठी में पेरिस सहित अनेक स्थानों पर आतंकवादियों के कुकृत्य की निंदा की गई। नार्वे में हिन्दी के लेखक सुरेशचन्द्र शुक्ल ने कहा कि अब हम फिर धर्म के नाम पर युद्ध में फंस गए हैं। भारतीय दूतावास के सचिव एन पुनप्पन ने नेहरू को आधुनिक भारत का निर्माता कहा।
अंत में कवि गोष्ठी संपन्न हुई, जिसमें इंगेर मारिये लिल्लेएंगेन, राज कुमार, प्रवीण गुप्त, अलका भरत, दीपा रतौड़ी और सुरेशचन्द्र शुक्ल ने अपनी कविताएं और गीत सुनाए। कार्यक्रम में पेरिस में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई और एक मिनट मौन रखकर मृतकों श्रद्धांजलि दी गई।
नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था और मृत्यु 27 मई 1964 को दिल्ली में हुई थी। वे बच्चों से बहुत प्यार करते थे। उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक जवाहर लाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री पद पर कार्य करते रहे।