भारतीय-अमेरिकियों ने पोटोमैक नदी पर मनाया छठ पूजा का त्योहार
वॉशिंगटन। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने यहां ऐतिहासिक पोटोमैक नदी के तटों पर छठ का त्योहार मनाया, जहां पारंपरिक रंग-बिरंगे वस्त्र पहनकर महिलाओं ने उगते सूर्य की पूजा की।
वर्जीनिया में छठ का त्योहार 3 दिन तक मनाया गया, जहां करीब 250 भारतीय-अमेरिकी लोगों ने भाग लिया। इनमें से कुछ लोग काफी दूर से बिहार के इस लोकप्रिय त्योहार को मनाने के लिए वर्जीनिया पहुंचे थे।
पिछले 8 साल से छठ पूजा का आयोजन कर रहे कृपाशंकर सिंह ने बताया कि हम अपनी परंपराओं को जिंदा रखने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। हालांकि हम अपने जन्मस्थान से हजारों मील दूर हैं। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिंह पटना से ताल्लुक रखते हैं।
उन्होंने बताया कि अब लोग मुझे पूरे अमेरिका से फोन करते हैं और छठ पूजा के बारे में विस्तृत जानकारी मांगते हैं। इस साल कुछ परिवारों ने पोटोमैक नदी पर कॉटेज भी बुक कराई थीं ताकि वे दोनों दिन त्योहार में शामिल हो सकें।
ग्रेटर वॉशिंगटन मेट्रोपोलिटन एरिया के जाने-माने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य कुमार सिंह ने बताया कि मैं लोगों का उत्साह देखकर हैरान हूं। अन्य त्योहारों के विपरीत जिन्हें हम सप्ताहांत में मनाते हैं, यह एकमात्र भारतीय त्योहार है जिसे वास्तविक दिवस में ही मनाया जाता है लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में इसमें लोगों ने भाग लिया। कई तो अपने काम से छुट्टी लेकर आए और पोटोमैक नदी पर छठ पूजा में शामिल हुए।
इसकी शुरुआत को याद करते हुए कृपाशंकर सिंह ने बताया कि करीब 8 साल पहले उनकी मां ने उनकी पत्नी अनिता से कहा कि वे पीढ़ियों से चली आ रही परिवार की परंपरा को जिंदा रखने के लिए छठ पूजा की जिम्मेदारी संभालें।
सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने दोस्तों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अन्य लोगों से पूछताछ कर पता लगाने की कोशिश की कि क्या यहां कोई छठ मनाता है? इस पर उन्होंने पाया कि लोग अपने घरों के भीतर या प्लास्टिक से भरे पानी के टब में तालाब बनाकर पूजा करते हैं।
सिंह और उनके कुछ मित्र एक बार वॉशिंगटन के उपनगरीय इलाके लाउंडेन कांउटी में पोटोमैक नदी पर पिकनिक मनाने गए थे। वहां कांक्रीट के बोट रैम्प को देखकर उन्हें यह विचार आया कि यह छठ पूजा के लिए सही जगह हो सकती है।
इसके तुरंत बाद उन्होंने लाउंडेन काउंटी पार्क और मनोरंजन विभाग से संपर्क किया और नदी तट पर छठ पूजा की अनुमति मांगी।
उन्होंने बताया कि अनुमति मिल गई। लाउंडेन काउंटी भारत से बाहर इस दुर्लभ त्योहार के आयोजन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की मदद करने को लेकर उत्साहित थी।
छठ पूजा में भगवान सूर्य की पूजा की जाती है और यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार और पूर्वी उत्तरप्रदेश के लोगों द्वारा मनाया जाता है। (भाषा)