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Written By WD

सेतु-बंध का लोकार्पण

सुमीता पी केशवा
GN

विगत दिनों सुमीता पी. केशवा के दूसरे उपन्यास 'सेतु-बंध' का लोकार्पण 19वें पुस्तक मेले में सुप्रसिद्ध साहित्यकार उपेंद्र कुमार के हाथों संपन्न हुआ। हिन्दयुग्म वेबसाइट के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विख्यात चित्रकार इमरोज ने की।

उपन्यास का लोकार्पण करते हुए उपेंद्र कुमार ने समलैंगिक मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि इस मुद्दे को किसी निष्‍कर्ष या सामाजिक नजरिए से नहीं तोलना चाहिए। समलैं‍‍गिक जैसे ज्वलंत विषय पर लिखना सचमुच साहसिक कार्य है। यह बात निश्‍चित ही स्वागतायोग्य है।

GN
उन्होंने कहा कि नाटक अपने चरम पर तब आता है जब उसका बाकायदा मंचन हो। तभी वह अपने समग्र प्रभाव में भी सामने आ पाता है। नाटक की प्रशंसा करते हुए कहा कि लेखिका ने समलैंगिक संबंधों को बहुत गहराई से विश्लेषि‍त करके उसे मानवीय स्तर पर समुचित सहानु‍भूति से परखा है। समलैंगिक संबंधों पर चल रही राष्ट्रीय बहस के चलते उन्होंने इस बात की खुशी जाहिर की है कि भार‍त के न्यायालयों ने भी अब इस ओर ध्यान देना शुरू किया है और इस पर खुली चर्चा चल पड़ी है।

यह कार्यक्रम वरिष्ठ गीतकार पद्मश्री बालस्वरूप राही, कवि रामदरश मिश्र, कवियत्रि सुश्री रश्‍मि प्रभा एवं राजस्थान सेवा संघ के शिक्षाविद्‍ विनोद टिबडेवाल के सानिध्य में संपन्न हुआ। इसका संचालन प्रमोद तिवारी ने किया। आभार प्रसिद्ध कवियत्री नीलम मिश्र ने माना। इस अवसर पर कई साहित्यकार मौजूद थे।
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WD