गाँधीजी की धरोहर खरीदेगा भारत
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गाँधीजी इस मकान में वर्ष 1908 से 1910 तक रहे तथा सत्याग्रह के विचार ने उनके मन में यहीं जन्म लिया था। कोयला राज्यमंत्री श्रीयुत श्रीप्रकाश जायसवाल एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ दक्षिण अफ्रीका यात्रा पर रवाना हो गए, जहाँ वे दक्षिण अफ्रीका के साथ स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी पर सहयोग के अलावा मुख्य तौर पर इस घर को खरीदने के बारे में बातचीत को अंतिम रूप देंगे।
इस घर को खरीदने की मुहिम सरकारी क्षेत्र का उपक्रम कोल इंडिया चला रहा है। कोल इंडिया के अध्यक्ष पी. पार्थसेन इस शिष्टमंडल के सदस्य हैं। सूत्रों के अनुसार गाँधीजी की यह धरोहर खरीदने के लिए कोल इंडिया के कर्मचारी अपना एक दिन का वेतन दे रहे हैं। कोयला राज्यमंत्री ने भी इसके लिए एक माह का वेतन देने की घोषणा की है। सरकार का विचार है कि इस मकान को खरीदकर इसे महात्मा गाँधी का संग्रहालय बनाया जाए।

