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Navratri vrat paran : नवरात्रि पूजन में अष्टमी और नवमी के दिन क्या करें कि धन,संपदा और सिद्धि मिले

Navratri vrat paran
इस बार की नवरात्रि पूरे नौ दिन की है और इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आई एवं विदाई के समय घोड़े पर होगी। इसलिए इस नवरात्रि का महत्व ज्यादा है।
 
- इस नवरात्रि में नौ दिन भी व्रत रख सकते हैं और दो दिन भी। जो लोग नौ दिन व्रत रखेंगे वो लोग दशमी को पारायण करेंगे और जो लोग प्रतिपदा और अष्टमी को व्रत रखेंगे वो लोग नवमी को पारायण करेंगे।
 
- अष्टमी तिथि से व्रत का परायण करने वाले इस समय तक कन्या पूजन करके व्रत खोल सकते हैं। नवमी को हवन और कन्या पूजन करना अनिवार्य है। नौ कन्याओं के साथ लांगूर यानि लड़के को भी जिमाएं। 
 
- महाष्टमी या नवमी के दिन दुर्गा सप्तशती की पुस्तक में से नित्य 'अर्गला- स्तोत्र' का एक पाठ करने से सुंदर और सुशील पत्नी की प्राप्ति होती है।
 
- यदि धन की कामना से नवरात्रि व्रत कर रहे हैं तो श्री सूक्त का पाठ प्रतिदिन करें। आर्थिक संकट दूर होगा।
 
- यदि सिद्धि या साधना की कामना है तो अष्टमी और नवमी के दिन विधि विधान से यज्ञ करें।
 
-  नवरात्रि समापन के बाद दुर्गा मूर्ति या कलश की सामग्री को जल में प्रवाहित करें। हवन के बाद बचे सामान को भी बहते जल में प्रवाहित करें। 
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