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Written By WD Feature Desk
Last Updated : शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 (19:03 IST)

जानिए 3 रहस्यमयी बातें: कब से हो रही है शुरू गुप्त नवरात्रि और इसका महत्व

maa durga ki murti aur das mahavidya
Secret of Gupt Navratri: वर्ष में 2 गुप्त नवरात्रि आती है। पहली आषाढ़ माह में और दूसरी माघ माह में। माघ माह की गुप्त नवरात्रि वर्ष 2026 में 19 जनवरी से प्रारंभ हो रही है और 27 जनवर को यह समाप्त होगी। गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की भी पूजा की जाती है। जानिए इसका महत्व और 3 रहस्यमयी बातें।
 
गुप्त नवरात्रि का महत्व: यह नवरात्रि तंत्र-मंत्र और गुप्त सिद्धियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह नवरात्रि में गुप्त विद्याओं के लिए गुप्त साधनाएं की जाती है। इस नवरात्रि में दस महाविद्याओं के साथ ही माता दुर्गा दुर्गा की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं। इस नवरात्रि में किए गए कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है। यह नवरात्रि तांत्रिक सिद्धियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
 
1. 10 महाविद्याओं की साधना (तंत्र का केंद्र):-
दस महाविद्या के तीन समूह: प्रवृति के अनुसार दस महाविद्या के तीन समूह हैं। 
पहला:- सौम्य कोटि (त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, मातंगी, कमला)।
दूसरा:- उग्र कोटि (काली, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी)
तीसरा:- सौम्य-उग्र कोटि (तारा और त्रिपुर भैरवी)। 
रहस्य: साधना के चयन के आधार पर देवियों की साधना करें। यह समय सांसारिक सुखों के बजाय आध्यात्मिक शक्ति, शत्रु विजय और कठिन साधनाओं को सिद्ध करने के लिए होता है। गृहस्थों को सौम्य कोटि की साधना करना चाहिए। 
 
2. 'गोपनीयता' ही है इसकी शक्ति:-
गुप्त साधना: जैसा कि नाम से स्पष्ट है- 'गुप्त'। इस नवरात्रि का सबसे अनिवार्य नियम यह है कि आपकी पूजा और संकल्प पूरी तरह गुप्त रहना चाहिए।
रहस्य: शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान की जाने वाली साधना के बारे में आप जितना कम चर्चा करेंगे, उसका फल उतना ही अधिक और तीव्र मिलेगा। यदि आप किसी को बता देते हैं कि आप कौन सा मंत्र जप रहे हैं या क्या साधना कर रहे हैं, तो उस पूजा का प्रभाव निष्फल हो जाता है। इसी कारण साधक इस दौरान बाहरी दुनिया से कटकर एकांत में रहते हैं।
 
3. कठिन मनोकामनाओं की पूर्ति का 'शॉर्टकट':-
इच्छापूर्ति: सामान्य नवरात्रि सात्विक और भक्ति प्रधान होती है, जबकि गुप्त नवरात्रि को 'इच्छापूर्ति की रात्रि' माना जाता है।
रहस्य: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई कार्य बहुत प्रयासों के बाद भी सिद्ध न हो रहा हो, तो गुप्त नवरात्रि के नौ दिन विशेष तांत्रिक या वैदिक अनुष्ठानों के लिए अमोघ माने जाते हैं। इसमें की गई साधना जातक को मानसिक और आत्मिक रूप से इतना शक्तिशाली बना देती है कि वह कठिन से कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त कर लेता है।
 
सावधानी: गुप्त नवरात्रि की साधना में नियमों का पालन बहुत कड़ाई से करना होता है। इसमें ब्रह्मचर्य, सात्विक भोजन और मानसिक शुद्धता अनिवार्य है।