Telegram: क्या है और किसने बनाया था टेलीग्राम, इसके 15 फीचर्स जो इसे बनाता है व्हाट्सऐप से अलग
व्हाट्सऐप की नई पॉलिसी की खबर के बाद टेलीग्राम जैसे दूसरे मैसेंजर की चर्चा हो रही है, देखा जाए तो अचानक से टेलीग्राम का उदय हो गया है, हालांकि यह पहले से इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन चूंकि अब यूजर्स अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए इसका रुख कर रहे हैं तो ऐसे में यह जानना चाहिए कि आखिर टेलीग्राम मैसेंजर क्या है, इसे किसने बनाया और इसके फीचर्स क्या है। क्या यह व्हाट्सऐप से बेहतर है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई मैसेजिंग ऐप उपलब्ध हैं। इन्हीं में से एक है टेलीग्राम ऐप। टेलीग्राम क्लाउड पर बेस्ड एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप और वॉइस ओवर सर्विस है। टेलीग्राम प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
टेलीग्राम के क्लाउड बेस्ड होने का यह मतलब है कि ऐप का डेटा डिवाइस में नहीं, बल्कि टेलीग्राम के किसी सर्वर पर स्टोर होता है।
टेलीग्राम निकोलाई और पावेल डूओरोव ने डेवलेव किया था। यह दोनों भाई हैं। बड़े भाई निकोलाई ने इसका सॉफ्टवेयर तैयार किया और पावेल ने उसे आर्थिक रूप से सहयोग दिया।
साल 2013 में टेलीग्राम लॉन्च किया गया था। सबसे पहले टेलीग्राम अगस्त 2013 में आईओएस के लिए लॉन्च हुआ था। उसके बाद इसे अक्टूबर में एंड्रॉयड के लिए भी उपलब्ध कराया गया।
कई लोग मानते है कि यह एक भारतीय एप्प है, लेकिन इसे दरअसल रूस में बनाया गया था, लेकिन फिर कुछ नियमों की वजह से इसे जर्मनी और लंदन में ले जाया गया। इसका लीगल हेडऑफिस लंदन में है और ऑप्रेशनल हेडऑफिस दुबई में है।
साल 2013 में टेलीग्राम के 1 लाख यूजर्स थे। लेकिन साल 2018 तक ये संख्या बढ़कर 20 करोड़ हो गई। वहीं पावेल डूओरोव के मुताबिक 14 मार्च 2019 को 24 घंटो के अंदर 30 लाख नए यूजर्स ने टेलीग्राम पर साइन अप किया था। जो कि एक रिकॉर्ड बन गया। अप्रैल 2020 के आंकड़ों के मुताबिक टेलीग्राम के यूजर्स की संख्या 40 करोड़ हो गई थी।
टेलीग्राम के फीचर्स
टेलीग्राम के क्लाउड बेस्ड होने का यह मतलब है कि ऐप का डेटा डिवाइस में नहीं, बल्कि टेलीग्राम के किसी सर्वर पर स्टोर होता है।
टेलीग्राम निकोलाई और पावेल डूओरोव ने डेवलेव किया था। यह दोनों भाई हैं। बड़े भाई निकोलाई ने इसका सॉफ्टवेयर तैयार किया और पावेल ने उसे आर्थिक रूप से सहयोग दिया।
कई लोग मानते है कि यह एक भारतीय एप्प है, लेकिन इसे दरअसल रूस में बनाया गया था, लेकिन फिर कुछ नियमों की वजह से इसे जर्मनी और लंदन में ले जाया गया। इसका लीगल हेडऑफिस लंदन में है और ऑप्रेशनल हेडऑफिस दुबई में है।
साल 2013 में टेलीग्राम के 1 लाख यूजर्स थे। लेकिन साल 2018 तक ये संख्या बढ़कर 20 करोड़ हो गई। वहीं पावेल डूओरोव के मुताबिक 14 मार्च 2019 को 24 घंटो के अंदर 30 लाख नए यूजर्स ने टेलीग्राम पर साइन अप किया था। जो कि एक रिकॉर्ड बन गया। अप्रैल 2020 के आंकड़ों के मुताबिक टेलीग्राम के यूजर्स की संख्या 40 करोड़ हो गई थी।
- यह आपके फोन नंबर पर चलता हैं और इसमें एक साथ एक से ज़्यादा नंबर इस्तेमाल करने की सुविधा है।
- इसमें यूजर अपनी एक से ज्यादा प्रोफाइल पिक्चर रख सकता है।
- टेलीग्राम पर सीक्रेट चैट की सुविधा है। यानि आपके चैट्स किसी भी सर्वर पर सेव नहीं होंगे।
- यूजर्स ऐप को खुद कस्टमाइज कर सकते हैं।
- इसमें बोट्स (Bots) की भी सुविधा हैं।
- इसमें मैसेज सेव कर सकते हैं। साथ ही चैट्स को एडिट कर सकते हैं।
- टेलीग्राम चैनल के उपयोग से आप कई महत्वपूर्ण जानकारी एक जगह से पा सकते हैं।
- टेलीग्राम को 13 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। साथ ही आप इस ऐप के जरिए कई तरह के ग्रुप,चैनल्स में जुड़ सकते हैं।
- इसे नाइड मोड के साथ भी यूज किया जा सकता है।
- इसमें किसी के साथ भी लोकेशन शेयर करने का ऑप्शन है।
- इसमें नए प्रकार के चेट टूल्स हैं जिसका उपयोग करके आप अपनी चेटिंग को आसान बना सकते हैं।
- सोशल मीडिया ऐप्स की तरह टेलीग्राम भी कॉल करने की सुविधा देता है।
- अन्य ऐप्स के मुकाबले इसका यूजर इंटरफेस काफी सिंपल है। इसमें हम फोटोस,वीडियो,फाइल,लोकेशन,कांटेक्ट या कोई मीडिया भी भेज सकते हैं।
- इसके जरिये 1.5 GB तक की फाइल्स को शेयर कर सकते हैं।
- अगर आपके कॉन्टैक्ट में कोई भी टेलीग्राम को अपने फोन में इंस्टॉल करता है तो आपको टेलीग्राम की तरफ से इसका एक नोटिफिकेशन मिलता है

