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Last Updated :नई दिल्ली , बुधवार, 3 सितम्बर 2025 (08:13 IST)

Weather Update : उत्तर भारत में भारी बारिश से लोग परेशान, इन राज्यों में हाल बेहाल

बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़ की वजह से कई गांवों से संपर्क कट गया है। खराब मौसम के कारण आज कई स्थानों पर स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

jammu kashmir rain
Weather Update : उत्तर भारत में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुई। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में बारिश, बाढ़ और जलभराव से लोग परेशान हैं। बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़ की वजह से कई गांवों से संपर्क कट गया है। खराब मौसम के कारण आज कई स्थानों पर स्कूल, कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
 
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मंगलवार को मूसलाधार बारिश हुई। उत्तर बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले 5 दिन भारी बारिश होने की संभावना है। हरियाणा और राजस्थान पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है। इस बीच बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में एक नया लो-प्रेशर क्षेत्र बना है, जो जल्द ही ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात की ओर बढ़ेगा।
 
उत्तराखंड में उफान पर नदियां : उत्तराखंड के देहरादून, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर में मंगलवार को भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया। गंगा और उसकी सहायक मंदाकिनी और अलकनंदा समेत सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। हल्द्वानी में गौला नदी खतरे के निशान से 20 सीएम ऊपर बह रही है। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे देहरादून और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

यूपी में भी हाल बेहाल : उत्तरप्रदेश इन दिनों भारी बारिश का कहर जारी है। तराई के जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शारदा, यमुना और गंगा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। खीरी और पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। बनबसा बैराज से 1.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे 54 तटीय गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। मथुरा में ताजेवाला डैम से छोड़े गए 3.5 लाख क्यूसेक पानी के चलते यमुना का जलस्तर 38 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से शामली और बागपत में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं। 
 
बाढ़ की चपेट में पंजाब : पिछले कई दिनों से हो रही तेज बारिश के चलते पंजाब का हाल बेहाल है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियां उफान पर है। बाढ़ की वजह से पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों के कई गांव जलमग्न हैं। एनडीआरएफ, सेना, बीएसएफ, पंजाब पुलिस के साथ ही जिला प्रशासन की टीमें भी रेस्क्यू में जुटी हुई है।
 
राजस्थान में अगले 5 दिन भारी : मानसून ट्रफ दिल्ली के नजदीक आकर बीकानेर, चूरू, गुना और आगे पूर्व की ओर गुजर रही है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले 5 दिन भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इससे राज्य के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है जहां पहले से ही जलभराव की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। 
 
क्या है दिल्ली एनसीआर का हाल : दिल्ली में भारी बारिश और हथिनीकुंड से पानी छोड़े जाने की वजह से यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राजधानी के निचले इलाकों में पानी घुसा। सड़कों पर जलभराव की वजह से कई स्थानों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। 4 सितंबर तक दिल्ली में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद यहां बारिश की गतिविधियां कम होने का अनुमान है। 
edited by : Nrapendra Gupta 
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