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Last Updated : गुरुवार, 19 मार्च 2026 (20:35 IST)

'नन्ही कली' कार्यक्रम में मैरीकॉम का बड़ा बयान: "बेटियों को सम्मान देना ही देश की असली तरक्की

Mary Kom Nanhi Kali Event
नवरात्रि का पर्व भारतीय संस्कृति में शक्ति, श्रद्धा और नारी सम्मान के रूप में मनाया जाता है। दुर्गा के शक्ति स्वरूप भाव को साकार करते हुए बागपत में “नन्ही कली” कार्यक्रम का आयोजन महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बनकर सामने आया है। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों और महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देकर एक नये युग की शुरुआत हुई है।
 
इस पहल के तहत ग्रामीण महिलाओं ने वेस्ट प्लास्टिक से “नन्ही कली” नाम की देसी गुड़िया तैयार की। यह गुड़िया केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि उन महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा की कहानी बयां करती है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर, जब देवी शक्ति की पूजा की जाती है, तब ऐसी पहल महिलाओं की वास्तविक शक्ति को समाज के सामने लाने का काम करती है।
 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध मुक्केबाज़ Mary Kom ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। मैरी कॉम ने कहा कि बेटियों को अवसर और सम्मान देना ही समाज की सच्ची प्रगति है। उनके इन शब्दों में एक सच्चाई झलकती है, जब बेटियां आगे बढ़ती हैं, तभी समाज मजबूत होता है। उन्होंने “नन्ही कली” को आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बताया।
वहीं बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने इस पहल को नवरात्रि के संदेश से जोड़ते हुए कहा कि यह समय महिलाओं के सम्मान और उनके सामर्थ्य को पहचानने का है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देता रहेगा, ताकि ग्रामीण महिलाओं को उनके हुनर के अनुरूप पहचान और अवसर मिल सकें।
 
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी यह बताती है कि समाज अब बदलाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। “नन्ही कली” केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश नहीं देती, बल्कि लोकल फार वोकल की भावना को भी बल देता है, वही यह सिखाता है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर समाज में बड़े बदलाव ला सकते हैं।
 
नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर “नन्ही कली” जैसी पहल यह भी संदेश देती है कि हर बेटी में एक शक्ति छिपी है, बस जरूरत है तो उसे पहचानने और उसके हौंसलों को उड़ान देने की। जब बेटी आगे बढ़ेगी तो देश आगे बढ़ेगा और यही सच्चे अर्थों में नारी सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम होगा। Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल