हायर एजुकेशन पर वर्चुअल समिट का आयोजन

Last Updated: शुक्रवार, 24 जुलाई 2020 (21:52 IST)
L’Strategique LLP द्वारा पर का आयोजन किया। सीईओ डॉ. वनीता अग्रवाल द्वारा 17 से 19 जुलाई तक आयोजित इस समि‍ट में 14 शीर्ष ‍‍शिक्षाविदों ने भागीदारी की।
डॉ. वनीता ने बताया कि वेबीनार के आयोजन का मुख्‍य उद्देश्य भारतीय विश्वविद्यालयों के युवा शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के साथ ही उन्हें सपोर्ट करना भी है। इसके साथ ही शिक्षा प्रौद्योगिकी ढांचे का विकास एवं भविष्य की आवश्यकताओं एवं संदेह तथा भ्रम को दूर करना भी है। इस वेबीनार में कोविड-19 काल में व्यवधान, चुनौतियों एवं पुनर्निवेश एवं उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर एक्सपर्ट ने अपने विचार व्यक्त किए।

वेबीनार का शुभारंभ भारत सरकार के एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे के व्याख्यान से हुई। उन्होंने एआईसीटीई की ओर से कोविड-19 के दौर में किए गए प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अटल अकादमियों के तहत कई नई धाराओं में संकाय को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। एआईसीटीई ने इन अकादमियों के तहत 200 कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें 185 अभी खत्म हो चुके है 15 अभी बाकी है।
ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन की महासचिव डॉ. सुश्री पंकज मित्तल ने बिजली उपकरण बैंडविड्थ, नेटवर्क जैसी प्रौद्योगिकी अवसरंचाना विकसित करने पर जोर दिया। उसाथ ही कोविड संकट से आने वाले समय में सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।

कर्टिन मलेशिया की डिप्टी प्रो वीसी, डॉ. बीना गिरिधरन ने अपने विश्वविद्यालय की ओर से की गई पहल एवं चुनौतियों को साझा किया। डॉ. शांताकुमार ने वर्चुअल लर्निंग सॉल्यूशंस एवं विशेष रूप से संस्थानों की ओर से सुरक्षा खतरों, नेटवर्क की मांगों, बैंडविड्थ के लिए महामारी की वजह से स्पॉटलाटट पर अपनी चिंता साझा की एवं दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए शिक्षकों और शिक्षार्थियों दोनों को संलग्न करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कांफ्रेस के दूसरे दिन पांच प्रतिष्ठित ‍विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने ऑफलाइन शिक्षा और इसके आंकलन के लिए शिक्षा को ऑनलाइन किए जाने की आवश्यकताओं एवं कोविड-19 के दौरान आने वाली चुनौतियों पर प्रतिभागियों को संबोधित किया।

वेबीनार के तीसरे दिन एनएएसी (नेक) कार्यसमिति के अध्यक्ष डॉ. वीएस चौहान ने ऑनलाइन एजुकेशन पर प्रकाश डाला। प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं एसआरएम के वीसी प्रो. संदीप संचेती ने उच्च शिक्षा एवं कोविड के बाद शिक्षा को पुनर्जीवित करने के लिए भविष्य की आवश्यकताओं पर पर विचार रखे। कनाड़ा से फ्रेडरिक्टन विवि के संस्थापक अध्यक्ष सेटिल सैंडरमोनी, डॉ. अनूप स्वरूप आदि ने भी विचार रखे।

वेबीनार में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों की जिज्ञासा को डॉ. सहस्त्रबुद्धे एवं डॉ. वनीता अग्रवाल सहित सभी वक्ताओं ने शांत किया। वेबीनार का संचालन प्रेसिडेंसी युनिवर्सिटी बैंगलोर के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. तन्मय चक्रवती ने किया। वेबीनार में देश एवं विश्व के अनेक देशों के सभी हिस्सों के 50 से अधिक विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर्स, डीन, उद्यमियों, शिक्षाविदों ने भाग लिया।(डॉ. रमेश रावत)



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