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Last Modified: नई दिल्ली , शनिवार, 13 सितम्बर 2025 (14:06 IST)

पटाखों के प्रदूषण पर Supreme Court सख्त, याचिका पर CJI गवई का बड़ा बयान

Supreme Court commented on pollution caused by firecrackers
Supreme Court On Fire Crackers : उच्‍चतम न्‍यायालय ने दिल्ली में पटाखों पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। मुख्‍य न्‍यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि अगर दिल्ली-एनसीआर के शहरों को साफ हवा का हक है तो दूसरे शहरों के लोगों को क्यों नहीं? न्‍यायालय ने कहा कि साफ हवा का अधिकार पूरे देश के नागरिकों को है। मुख्‍य न्‍यायाधीश गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना है तो इसे पूरे देश में बैन करना चाहिए। पीठ ने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी नीतियां पूरे देश के लिए समान होनी चाहिए।
 
खबरों के अनुसार, उच्‍चतम न्‍यायालय ने दिल्ली में पटाखों पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। मुख्‍य न्‍यायाधीश गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना है तो इसे पूरे देश में बैन करना चाहिए।
उच्‍चतम न्‍यायालय के 3 अप्रैल 2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री, स्टोरेज, परिवहन और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश को संशोधित करने की मांग की गई है। पीठ ने कहा कि पर्यावरण से जुड़ी नीतियां पूरे देश के लिए समान होनी चाहिए।
 
मुख्‍य न्‍यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि अगर दिल्ली-एनसीआर के शहरों को साफ हवा का हक है तो दूसरे शहरों के लोगों को क्यों नहीं? न्‍यायालय ने कहा कि साफ हवा का अधिकार पूरे देश के नागरिकों को है। पीठ ने कहा कि पर्यावरण संबंधी जो भी नीति हो वह पूरे भारत में होनी चाहिए। हम सिर्फ दिल्ली के लिए इसलिए नीति नहीं बना सकते। 
न्‍यायालय ने सवाल उठाया कि क्या नीतियां सिर्फ अमीरों के लिए बनाई जा रही हैं? पीठ ने कहा कि सभी को स्वच्छ हवा का समान अधिकार है, चाहे वे किसी भी शहर में रहें। इसी सुनवाई में न्‍यायालय ने एक अन्य याचिका पर एक्शन लिया, जिसमें पटाखों पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। पीठ ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को नोटिस जारी कर 2 हफ्तों में जवाब मांगा है।
Edited By : Chetan Gour
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