गुरुवार, 26 मार्च 2026
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Russian President Putin will visit India, Modi Putin will meet in China on Monday
Last Updated : शनिवार, 30 अगस्त 2025 (00:30 IST)

रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिसंबर में भारत आएंगे, चीन में सोमवार को होगी मोदी-पुतिन की मुलाकात, ट्रंप को मिलेगा मैसेज

Putin will visit India in December
Putin will visit India in December 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल दिसंबर में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। क्रेमलिन ने पुतिन की भारत यात्रा को लेकर अपनी मुहर लगा दी है। दूसरी ओर, पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करेंगे। अमेरिकी टैरिफ के बीच इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। 
 
एससीओ बैठक से इतर होगी मुलाकात : क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने  बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। मोदी और पुतिन दोनों 31 अगस्त से एक सितंबर  तक एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा करेंगे। उशाकोव ने कहा कि एससीओ प्लस बैठक (एक सितंबर को) के ठीक बाद हमारे राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच पुतिन की दिसंबर में होने वाली भारत यात्रा के बारे में भी चर्चा होगी। 
 
इस साल मोदी-पुतिन की पहली बैठक : उन्होंने कहा कि यह इस वर्ष उनकी पहली बैठक होगी, हालांकि वे फोन पर नियमित रूप से संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश एक विशेष रणनीतिक साझेदारी से बंधे हैं। उशाकोव ने कहा कि इस संबंध में एक प्रासंगिक वक्तव्य दिसंबर 2010 में पारित किया गया था, जिसका अर्थ है कि इस वर्ष उस घटना के 15 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महत्वपूर्ण बात यह है कि दिसंबर में हमारे राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
 
एससीओ बैठक पर पूरी दुनिया की नजर : उल्लेखनीय है कि रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय सामानों के आयात पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में खटास आई है। अमेरिकी टैरिफ के बीच 10 सदस्यीय एससीओ का शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। इस बीच, अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने रूस से खरीदने वाले तेलों में कटौती नहीं की है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 
ये भी पढ़ें
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया मुहिम के तहत कुष्ठ आश्रम में गणेश स्थापना