अयोध्या के मुस्लिमों ने राम मंदिर निर्माण के लिए बढ़ाया हाथ

Author संदीप श्रीवास्तव| पुनः संशोधित शुक्रवार, 15 जनवरी 2021 (18:55 IST)
अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समर्पण निधि कार्यक्रम अयोध्या में एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बन गया। यह कार्यक्रम 15 जनवरी से लेकर 27 फरवरी तक चलने वाला है। इन 42 दिनों में विश्व हिंदू परिषद का लक्ष्य 5 लाख गांवों के 11 करोड़ परिवारों से सीधे मिलकर राम मंदिर के लिए धन संग्रह करने का है। लेकिन, पहले ही दिन जिस तरह बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और अपना योगदान दिया, उसने एक बार फिर अयोध्या को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
इसकी गवाही वह तस्वीरें दे रही हैं, जिसमें कहीं मुस्लिम समाज के लोग राम मंदिर निर्माण के लिए हवन करते दिखाई दे रहे हैं तो कहीं दान देते तो कहीं लोगों को दान देने के लिए अपील करते हुए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सारे विवाद खत्म हो गए और आपसी मनमुटाव भी खत्म हो गया।

यही कारण रहा कि मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए आगे आए हैं और यही कारण रहा कि मुस्लिम महिलाएं हो या पुरुष सभी राम मंदिर निर्माण के लिए दान देने की अपील करते नजर आए। मुस्लिमों का मानना है कि जिस तरह मुस्लिम समाज के लिए काबा है उसी तरह हिंदुस्तानियों के लिए राम मंदिर है, इसलिए जाति और धर्म को छोड़कर सभी लोग राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आएं।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि देखिए सवाल अयोध्या का है, धार्मिक नगरी का है, सवाल राम मंदिर का है। लोग श्रद्धा के अनुसार चंदा भी देते हैं। चंदा देने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि दान देना चाहिए क्योंकि चाहे मंदिर हो या मस्जिद हो, धर्म के हिसाब से लोग अपना-अपना योगदान करें। हमारे धर्म में भी दान देने की मनाही नहीं है।

सामाजिक कार्यकर्ता बबलू खान ने इस मौके पर कहा कि आज बहुत खुशी का पल है। बहुत ऐतिहासिक दिन और तारीख है। हम सब हिंदुस्तान में रहने वाले वह चाहे मुस्लिम हों, हिंदू हों, सिख हों या फिर ईसाई हों, सब एक परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर नागरिक यह चाहता था कि जल्द से जल्द राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण हो।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से मुस्लिम समाज के लिए काबा है, उसी तरह हमारे हिंदू समाज के लिए राम जन्मभूमि है। हम हिंदुस्तान में रहने वाले मुसलमान राम जन्मभूमि को काबा के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अपने-अपने घरों से अपील करता हूं कि सभी धर्म के लोग राम मंदिर निर्माण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

वहीं, चांदनी शाहबानो (कार्यकारी अध्यक्ष शाह समाज फाउंडेशन उत्तर प्रदेश) ने कहा कि मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इसलिए मैंने 11000 की राशि राम मंदिर निर्माण के लिए दी है और मैं चाहती हूं कि मैंने जो दिया है उससे एक ईंट भी लग जाएगी तो कई जन्मों तक आशीर्वाद मेरे ऊपर बना रहेगा।
हाजी सईद खान ने कहा कि हम लोग प्रभु श्री राम के मंदिर के लिए चंदा देने आए हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग यहां राम मंदिर के लिए चंदा देंगे, ऐसे ही जो मस्जिद मोदी साहब की तरफ से मिली है उसमें भी हम लोग सहयोग करेंगे। अयोध्या के सुनील सिंह ने कहा राम जन्मभूमि अपने देश के लिए एक धरोहर है, जिसके लिए लाखों लोग कुर्बान हो गए।

वहीं, राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा कहते हैं कि राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समर्पण निधि कार्यक्रम चंदा वसूली का कोई कार्यक्रम नहीं है, क्योंकि भगवान के सामने जाकर कोई सहयोग नहीं करता बल्कि अपना समर्पण व्यक्त करता है।

भाजपा सांसद लल्लू सिंह
ने कहा कि जो विश्व हिंदू परिषद ने और भी लोगों ने तय किया है कि 11 करोड़ परिवारों में जाकर के हम धन संग्रह का कार्य करेंगे इस देश में जो प्रभु श्रीराम का चरित्र और उनके प्रति समर्पित परिवार हैं। वह भव्य राम मंदिर के निर्माण में अपना योगदान करना चाहते हैं उसी उद्देश्य से आज पूरे देश में शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग भी आए हैं और उन्होंने अपना सहयोग किया है पूरे समाज के लोग इस समर्पण निधि में अपना सहयोग करना चाहते हैं और 31 तारीख तक कुछ बड़ी राशि को लेने का कार्य कार्यकर्ता करेंगे और पूरे महीना घर-घर जाकर धन संग्रह का कार्य करेंगे।



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