महंगी बिजली से नीतीश परेशान, ‘एक देश, एक बिजली शुल्क’ की नीति की मांग
पटना। महंगी बिजली से परेशान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक देश, एक बिजली शुल्क की नीति का आह्वान किया। हुए कहा कि कुछ राज्य अन्य की तुलना में ऊंची कीमत पर बिजली खरीदते हैं। आखिर कुछ राज्य ऊंची कीमत पर बिजली क्यों खरीद रहे हैं? देश भर में एकीकृत बिजली दर होनी चाहिए।
नीतीश कुमार ने 15,871 करोड़ रुपए मूल्य की बिजली विभाग की परियोजनाओं का अनावरण करते हुए कहा कि बिहार को अन्य राज्यों की तुलना में केंद्र सरकार के बिजली संयंत्रों से ऊंची दर पर बिजली मिलती है।
कुमार ने कहा कि सारे राज्य देश के समग्र विकास में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। मैंने पहले भी कई बार कहा था कि एक देश, एक बिजली शुल्क की नीति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर लगाने का फैसला किया है।
ऊर्जा प्रक्षेत्र की 15,871.24 करोड़ रु० की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन/लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। ऊर्जा प्रक्षेत्र के विकास के लिए कई कार्य किए गए हैं। हमलोगों ने वर्ष 2018 में निर्धारित अवधि के दो माह पहले ही हर घर तक बिजली पहुंचा दी है। जर्जर तार भी बदल दिए गए हैं। (1/2) pic.twitter.com/702mSsirkr
— Nitish Kumar (@NitishKumar) November 30, 2022
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बहुत अधिक दर पर बिजली खरीदते हैं और अपने उपभोक्ताओं को बहुत कम दर पर उपलब्ध कराते हैं। मुझे उन लोगों से कोई दिक्कत नहीं है जो मुफ्त बिजली देने की बात करते हैं।
Edited by : Nrapendra Gupta
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