टीबी मरीजों के लिए खुशखबर, FDA ने दी दवा को मंजूरी
आगामी विश्व तपेदिक दिवस (24 मार्च) को सरकार एक ऐसी टीबी रोधी दवाई की बिक्री शुरू करेगी जोकि विशेष रूप से ऐसी टीबी को ठीक करने के लिए बनाई गई है जिस पर बहुत सारी दवाएं बेअसर हो जाती हैं।
'बेडाक्विलिन' के नाम से ज्ञात यह चमत्कारी दवा 40 वर्षों में पहली ऐसी दवा है जिसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने अपनी स्वीकृति दी है। इससे सबसे पहले देश के छह शहरों, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, गुवाहाटी और अहमदाबाद के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा।
सीएनएन-आईबीएन में शैलजा वर्मा का कहना है कि इस इलाज कार्यक्रम को संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चलाया जाएगा और इसमें सरकार के अलावा जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी भी सहयोग देगी।
'सिरट्यूरो' कारोबारी नाम से ज्ञात यह दवा दशकों बाद सामने आई है जोकि मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी को ठीक करने में सक्षम है। इस दवा से टीबी से मरने वालों की संख्या में कमी आएगी। भारत में प्रतिवर्ष 25 लाख टीबी के मरीज बढ़ जाते हैं। डब्ल्यूएचओ की वैश्विक टीबी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2014 में टीबी से मरने वालों की अनुमानित संख्या दो लाख बीस हजार थी जोकि अन्य किसी देश में मरने वाले बीमारों से अधिक है।

