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  4. mayor of the Netherlands searches for his mother in the streets of Nagpur
Last Updated : गुरुवार, 15 जनवरी 2026 (16:42 IST)

नीदरलैंड के महापौर नागपुर की गलियों में खोज रहे अपनी मां, 41 साल पहले इस घटना ने कर दिया था अलग

Falgun Binnendijk
दुनिया अजीब कहानियों से भरी पड़ी हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक बेटा अपनी मां को ढूंढते हुए भारत आ गया है। उनका कहना है उन्‍हें महाभारत पढी और इसके बाद वे सोचते हैं कि हर कर्ण को अपनी मां कुंती से मिलने का हक है।

जी हां, इस बेटे का नाम है फाल्गुन बिनेनडिज्क। फाल्गुन नागपुर की गलियों में अपनी मां को खोज रहे हैं। वे अपनी पत्‍नी के साथ यहां आए हैं। बता दें कि फाल्गुन बिनेनडिज्क फाल्गुन हीमस्टेड शहर के मेयर हैं।

क्‍या है फाल्गुन का अतीत : दरअसल, 10 फरवरी 1985 को महाराष्ट्र के नागपुर में एक बच्चे का जन्म हुआ था। जन्म के महज तीन दिन बाद ही उसकी मां ने उसे छोड़ दिया। 1 महीने तक वो बच्चा अनाथ आश्रम में रहा और फिर मुंबई घूमने आए डच कपल ने बच्चे को गोद ले लिया। वो उसे अपने साथ नीदरलैंड ले गए।

इस घटना को 41 साल हो गए हैं। नीदरलैंड में बच्चे की परवरिश हुई और आज वो नीदरलैंड के एक शहर का मेयर बन चुका है। उनका नाम है फाल्गुन बिनेनडिज्क, जो 41 साल की उम्र में अपनी मां को ढूंढने के लिए भारत आए हैं।

क्‍यों छोड़ा था मां ने उन्‍हें अनाथ : पुराने और अधिकारिक रिकॉर्ड्स के मुताबिक फाल्गुन की मां 21 साल की अविवाहित युवती थी, जिसमें समाज के डर से अपने बच्चे को तीन दिन बाद नागपुर के MSS में छोड़ दिया था। ये जगह अनाथ बच्चों और पीड़ित महिलाओं के लिए है।

नर्स ने दिया 'फाल्गुन' नाम : MSS की एक नर्स ने बच्चे को नाम दिया था। दरअसल हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फरवरी के महीने को फाल्गुन कहा जाता है। बच्चे का जन्म भी फरवरी में हुआ था, जिसके कारण नर्स ने उन्हें फाल्गुन कहना शुरू कर दिया। कुछ हफ्तों बाद फाल्गुन को मुंबई लाया गया, जहां 1 डच कपल ने उन्हें गोद ले लिया।

और असली मां के लिए जागी तडप : फाल्गुन नीदरलैंड में ही पले-बढ़े हैं। उन्हें भारत के बारे में कुछ पता नहीं था। उन्होंने सिर्फ भूगोल की किताबों में बने नक्शे में भारत का मानचित्र देखा था। बढ़ती उम्र के साथ फाल्गुन के मन में अपनी असली मां के बारे में जानने की ललक जागी और उन्होंने भारत का रुख कर लिया।

जब 18 के थे भारत आए थे : फाल्गुन पहली बार 18 साल की उम्र में 2006 में भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने दक्षिण भारत की सैर की थी। मगर, इस बार फाल्गुन ने अलग मकसद से वापसी की है। उन्होंने नागपुर स्थित MSS का दौरा किया।

क्‍यों मां से मिलना चाहते हैं फाल्‍गुन : फाल्गुन ने बताया कि मैं हमेशा से एक खुली किताब था। मैंने महाभारत पढ़ी है और मुझे लगता है कि हर कर्ण को कुंती से मिलने का अधिकार है। बता दें कि फाल्गुन हीमस्टेड शहर के मेयर हैं। हीमस्टेड नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है। फाल्गुन ने अपनी मां को ढूंढने के लिए कई NGO, नगर पालिकाओं और पुलिस की मदद मांगी है। फाल्गुन का कहना है, "मुझे लगता है कि वो अभी तक मुझे छोड़ने के सदमे में होंगी। मैं सिर्फ उनसे मिलकर उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं ठीक हूं और खुश हूं। मैं उन्हें एक बार देखना चाहता हूं।
Edited By: Navin Rangiyal
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