गिरफ्तार हुआ माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा, 2 करोड़ का इनाम,150 से ज्यादा केस, कौन है बेसरा?
झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मोछू, सौरभ उर्फ गौरव तथा दो ग्रामीणों को भी गिरिडीह-धनबाद सीमावर्ती इलाके से पकड़ा गया है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मिसिर बेसरा लंबे समय से झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख संचालक माना जाता रहा है। वह कई वर्षों से सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले, लेवी वसूली, आईईडी विस्फोट और कई अन्य नक्सली वारदातों के दर्जनों मामले दर्ज हैं। केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने उसके सिर पर कुल 2 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था।
बताया जाता है कि मिसिर बेसरा का प्रभाव विशेष रूप से कोल्हान, सारंडा और पारसनाथ क्षेत्र में था। संगठन की रणनीति तैयार करने से लेकर विभिन्न राज्यों में माओवादी नेटवर्क के संचालन तक उसकी अहम भूमिका मानी जाती थी। पिछले कुछ महीनों में उसके कई करीबी सहयोगियों के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी के बाद उसका नेटवर्क लगातार कमजोर पड़ रहा था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके खिलाफ अभियान और तेज कर दिया था।
गिरफ्तार किए गए मोछू और सौरभ उर्फ गौरव को भी माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। वहीं, उनके साथ पकड़े गए दो ग्रामीणों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनका संगठन से क्या संबंध था और वे माओवादियों को किस प्रकार की मदद पहुंचा रहे थे।

