नई दिल्ली। नोट पाबंदी के फैसले के खिलाफ बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खेमा तैयार कर रही हैं । इसके लिए ममता बनर्जी वाम दल को भी साथ लेने के लिए तैयार हो गई थीं। लेकिन ममता को यह गुट बनाने से पहले झटका लगा है। वृंदा करात ने कहा कि टीएमसी क्यों बोलेगी, जो खुद नारद-शारदा स्कैम के साए में खड़ी है।
भाजपा ने भी ममता बनर्जी पर निशाना साधा। भाजपा ने ममता बनर्जी को घोटालों की रानी कहा। शिवसेना ने भी नोट पाबंदी को लेकर सरकार पर सवाल उठाया है। शिवसेना ने कहा कि मुट्ठीभर लोगों के लिए 125 करोड़ जनता को सड़क पर ला दिया है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा कि मुट्ठीभर बिजनेसमैन के लिए 125 करोड़ जनता को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया गया है।