आखि‍र कौन हैं ‘स्‍वाति मोहन’ जिसके माथे की ‘बिंदी’ अब सोशल मीडि‍या में हो रही ट्रेंड?

dr swati mohan
नवीन रांगियाल| Last Updated: मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021 (13:06 IST)
भारत में कोई चीज कब वायरल हो जाएगी या उसे लेकर ट्रेंड शुरू हो जाएगा, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। कुछ ऐसा ही हाल ही में डॉ स्‍वाति मोहन को लेकर हुआ है।

नासा ने हाल ही में सबसे अहम मंगल मिशन को सफलतापूर्वक लैंड करवा दिया है। बता दें कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के पर्सवियरेन्स रोवर मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की घोषणा भारतीय मूल की अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ स्वाति मोहन ने की थी। इस दौरान उन्होंने माथे पर बिंदी लगाई हुई थी, भारतीय नारी की पहचान यह बिंदी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है।

भारतीय मूल की अमेरिकी वैत्रानिक डॉ स्वाति मोहन इस समय पूरी दुनिया में इस मिशन की वजह से चर्चा में हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे ट्व‍िटर पर अपनी बिंदी की वजह से ट्रेंड में हैं।

नासा ने अपने इस मिशन की तस्‍वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किए हैं। इन तस्‍वीरों में स्‍वाति मोहन की बिंदी काफी लोकप्रिय हो रही है। मिशन को कामयाब बनाने के लिए स्वाति मोहन नासा के कंट्रोल रूम में बैठी थीं और इस दौरान उन्होंने माथे पर बिंदी भी लगाई हुई थी।

इस बिंदी को देख देसी ट्विटर यूजर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोग उनकी कामयाबी से तो खुश हैं ही, लेकिन भारतीय संस्‍कृति की प्रतीक बिंदी लगाने पर भी लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं।

दुनियाभर में अपने मिशन और बिंदी से लोकप्र‍िय हुईं डॉ. स्वाति मोहन सिर्फ 1 साल की उम्र में भारत से अमेरिका पहुंच गई थीं। स्वाति ने मार्स मिशन के दिशा-निर्देशन और नियंत्रण अभियान (जीएन एंड सी) का नेतृत्व किया था। उन्होंने रोवर को उतारने में उड़ान नियंत्रक (फ्लाइट कंट्रोलर) की भूमिका निभाई है।

नॉर्दर्न वर्जीनिया और वॉशिंगटन डीसी में पली-बढ़ीं स्वाति ने यांत्रिक और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में कॉर्नेल विश्वविद्यालय से स्नातक और फिर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से वैमानिकी एवं अंतरिक्षयानिकी में एमएस तथा पीएचडी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरिक्ष क्षेत्र में स्वाति की रुचि नौ साल की उम्र में हो गई थी, जब उन्होंने टीवी शो 'स्टार ट्रेक' देखा था।



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