ganesh chaturthi
✕

दिल्ली सरकार के स्कूलों में अब 'खुशी पाठ्यक्रम'

Updated: सोमवार, 2 जुलाई 2018 (19:46 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अपने स्कूली छात्रों के लिए सोमवार को खुशी (हैप्पीनेस) पाठ्यक्रम पेश किया। इसके तहत नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक की हर क्लास 5 मिनट के ध्यान के साथ शुरू होगी। इस अवसर पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा कि भारत आधुनिक और प्राचीन ज्ञान को एकजुट कर दुनिया का नेतृत्व कर सकता है तथा यह मानवता की नकारात्मक भावनाओं से उबरने में मदद कर सकता है।
 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए यह पाठ्यक्रम पेश करते हुए कहा कि पाठ्यक्रम में दिल्ली सरकार के सभी स्कूलों में नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक में 45 मिनट का एक 'हैप्पीनेस पीरियड' होगा। हर क्लास 5 मिनट के ध्यान के साथ शुरू होगी।
 
दलाई लामा ने 'खुशी पाठ्यक्रम' अपने स्कूलों में शामिल करने के कदम को लेकर दिल्ली सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि सिर्फ भारत आधुनिक शिक्षा को प्राचीन ज्ञान के साथ जोड़ सकता है। यह मानव भावनाओं को पूरा करने के लिए जरूरी है।
 
उन्होंने कहा कि यह शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। गुस्सा, नफरत और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक और विध्वंसकारी भावनाओं के चलते पैदा होने वाले संकट का हल करेगा। दलाई लामा ने देश में प्राचीन भारतीय ज्ञान की पुन: प्राप्ति करने और बौद्ध धर्म का अनुसरण करने वाले देशों सहित दुनियाभर में इसे फैलाने की अपील की। प्राचीन ज्ञान को पुन: प्राप्त कर भारत आधुनिक समय का गुरु बन सकता है।
 
केजरीवाल ने इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में उनकी सरकार द्वारा शुरू किए गए तीसरे चरण के सुधार के तहत सोमवार को 'खुशी पाठ्यक्रम' शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। केंद्र और अन्य राज्य सरकारों को 1 साल का समय दिया जाना चाहिए और शिक्षा के क्षेत्र में युद्धस्तर पर काम किया जाना चाहिए तथा मौजूदा शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव करने की जरूरत है।
 
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस कवायद में 10 लाख छात्र और करीब 50,000 शिक्षक शामिल होने की कल्पना की जा सकती है तथा हमारा मानना है कि आतंकवाद, भ्रष्टाचार और प्रदूषण जैसी आज के समय की समस्याओं को स्कूलों और मानव केंद्रित शिक्षा से हल किया जा सकता है। इस पाठ्यक्रम को दिल्ली सरकार के 40 शिक्षकों, शिक्षाविदों और स्वयंसेवियों की एक टीम ने 6 महीने में तैयार किया है। (भाषा)

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख