अंधेरे में तीर चलाना खोजी पत्रकारिता नहीं : मनमोहन

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 24 अगस्त 2013 (16:49 IST)
हमें फॉलो करें
FILE
नई दिल्ली। सोशल मीडिया के अविवेकपूर्ण इस्तेमाल पर सावधान करते हुए प्रधानमंत्री ने शनिवार को कहा कि छानबीन करना मीडिया का स्वभाव है, लेकिन उसे आरोपों के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंधेरे में तीर चलाना खोजी पत्रकारिता का विकल्प नहीं है।


राष्ट्रीय मीडिया केंद्र के उद्घाटन के मौके पर सिंह के साथ मौजूद संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि मीडिया कभी कभी राजनीतिक व्यवस्था को असहज बना देता है। सिंह ने कहा कि मीडिया केवल कारोबारी गतिविधि का आईना नहीं है बल्कि यह पूरे समाज का प्रतिबिम्ब है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक सुधार और उदारीकरण से आए सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया की तरह मीडिया भी इन बदलावों से प्रभावित हुआ है। बदलाव के परिणामस्वरूप निस्संदेह चुनौती आती है। दो दशकों से आए सामाजिक-आर्थिक बदलावों से उत्पन्न चुनौतियों तक पहुंच बनाने, उनसे निपटने और उबरने की मीडिया उद्योग से जुडे लोगों की विशेष जिम्मेदारी है।

सिंह ने कहा कि इस जिम्मेदारी का निर्वहन करते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। छानबीन करना मीडिया का स्वभाव है लेकिन उसे आरोपों के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंधेरे में तीर चलाना खोजी पत्रकारिता का विकल्प नहीं है। (भाषा)



और भी पढ़ें :