Hanuman Chalisa

अयोध्या फैसला : एक बधाई दोनों पक्ष के समझदार नागरिकों को भी...

Updated: रविवार, 10 नवंबर 2019 (12:05 IST)
अयोध्या पर कोर्ट का फैसला आ चुका है..
 
देश के भीतर...या सीमा पर...स्थिति तनाव में...या अनियंत्रित हो ,तो नुकसान में(या प्रभावित)सबसे ज्यादा स्त्री (दोनों पक्षों की)ही होती है...पिता,पुत्र, भाई,पति...या आबरू भी तो वही खोती है...।
 
बात जब एकता..अखण्डता... भाईचारे व शांति की है तो वह आचरण में भी झलकना चाहिए (बेशक...दोनों पक्षों के)।
 
जिनके लिए प्रसन्नता की बात है...बेशक प्रसन्न हो...पर ये प्रसन्नता संयमित हो,इसका ध्यान अवश्य रखा जाना चाहिए...।
 
मुझे याद आता है
***बचपन में पड़ोस में  कहीं गमी हो जाती थी और दीवाली का त्योहार होता तो मां कहती थी-बेटा पटाखे मत छोड़ना...लेकिन यदि बालहठ होता तो कहती-अच्छा... दो-चार टिकड़ी..चकरी..सांप की गोली..रस्सी.. छुड़ा लो..बस...!
 
और हां...समी-संझा दीप जलते तो कहती--दो दीये पड़ोस की देहरी पर भी रख आना..।
 
बस...नन्हे दीपकों के उसी उजास की ताकत को याद कर लीजिए,जो एक दूजे के सुख में साथ झिलमिलाती थी...और दुख को भी साझा कर उसके तम को हर लेती थी.....

अयोध्या फैसले के बाद इसी समझदारी की अपेक्षा थी और हमारी परिपक्व गंगा जमुनी संस्कृति ने इसे निभाया भी... एक बधाई दोनों पक्ष के हम समझदार नागरिकों को भी... 
लेखक के बारे में
ज्योति जैन
लेखिका स्वतंत्र तथा वामा साहित्य मंच-इंदौर की सचिव हैं।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

नई स्टडी: एंथोसायनिन से घट सकता है हृदय रोग और डायबिटीज का खतरा, जानिए कैसे

अगला लेख