मन को रिफ्रेश कर देगा मनाली, वादियां बुला रही हैं सैलानी

Manali Hill Stetion
हिल स्टेशन को मनोरम पहाड़ी इलाका कहते हैं। भारत में पहाड़ियों की विशालतम, लंबी, सुंदर और अद्भुत श्रृंखलाएं हैं। एक और जहां विध्यांचल, सतपुड़ा की पहाड़ियां है, तो दूसरी ओर आरावली की पहाड़ियां। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में एक से एक शानदार पहाड़ हैं, पहाड़ों की श्रृंखलाएं हैं और सुंदर एवं मनोरम घाटियां हैं। आओ जानते हैं भारत के टॉप हिल स्टेशनों में से एक मनाली हिल स्टेशन के बारे में रोचक जानकारी।

मनाली हिमाचल प्रदेश : ( honeymoon)

1. शिमला से मनाली लगभग 275 किलोमीटर दूर है। चारों ओर से पहाड़ों से घिरे मनाली को देखकर रोमांच और रोमांस का अनुभव होता है।
2. एडवेंचरस के शौकिन लोगों के लिए यह बेहतरीन स्पॉट है। यहां आने वाले पर्यटक कस्बे में स्थित गांव में ठहरते हैं
3. यहां आप ट्रैकिंग, स्कीइंग और राफ्टिंग का मजा लेते हैं।

4. मनाली न केवल अपने अद्‍भुत प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, बल्कि कुल्लू घाटी का असली सौंदर्य मनाली में ही देखने को मिलता है। यहां देखने और घूमने के लिहाज से बहुत से मशहूर स्थल हैं। यहां की सुरमई शाम अलसाती भोर का मजा ही कुछ और है।
5. मनाली से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है कोठी। यहां से पहाड़ों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। यहां बीस नदी का तेजी से बहता ठंडा पानी अदभुत नजारा पेश करता है।
6. कोठी से दो किमी की दूरी पर बीस नदी पर राहला फॉल्स स्थित है। यहां 50 मीटर की ऊंचाई से गिरता झरने का पानी सैलानियों को खूब लुभाता है। मनाली सैंचुरी में पर्यटक कैपिंग के लिए पहुंचते हैं।

7. मनाली से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सोलन वैली सैलानियों को खासी आकर्षित करती है। यहां ट्रैकिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग के कैंप आयोजित किए जाते हैं।
8. मनाली से करीब 53 कि.मी. दूर स्थित प्रसिद्ध रोहतांग पास में पर्यटकों को ग्लेशियर, चोटियां और घाटियों के एडवेंचरस और सांसें रोक देने वाले दृश्य दिखाई देते हैं।

9. मनाली में व्यास नदी, जोगिनी झरना, हडिंबा देवी मंदिर, मनीकरण गुरुद्वारा, सोलांग घाटी, व्यास कुंड, रोहतांग पास और हिमवैली मनाली देखने लायक जगहें हैं। कुछ छोटे-छोटे गार्डन भी है, जहां पर्यटक बोटिंग का लुत्फ उठाते है। बोट क्लब के निचले हिस्से से चट्टानों के बीच से व्यास नदी बहती नजर आती है।
10. मनाली के बाहरी भाग में हवा का एक अनोखा प्राकृतिक स्थान है- 'झरोखा'। यह स्थान तीनों तरफ से पहाड़ियों से घिरा है। उन पहाड़ियों के बीच से लगातार ठंडी हवाएं बहती रहती है। यहां एक शिव मंदिर भी है, जो पूर्णतयाः 'लकड़ी' से बना है। यह प्राचीन कला कौशल का श्रेष्ठ प्रमाण है।



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