सम्बंधित जानकारी
- विकास से वंचित दायमपुर गांव ने किया मतदान का बहिष्कार, इंतजार करती रहीं पोलिंग पार्टियां
- बुजुर्ग देना चाहते थे 'साइकिल' को वोट, जबरदस्ती डलवा दिया कमल को वोट , सपा ने की शिकायत
- चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनाव प्रचार प्रतिबंध की अवधि
- रैलियों-रोड शो पर 11 फरवरी तक रहेगा बैन, सभाओं और बैठकों में 1000 लोगों के शामिल होने की छूट, चुनाव आयोग का फैसला
- 5 State Election: ...तो क्या राजनीतिक पार्टियां कर पाएंगी पब्लिक रैली और रोड-शो, चुनाव आयोग आज लेगा फैसला
मणिपुर में दोनों चरणों के मतदान की तारीखों में बदलाव, जानें अब कब-कब डाले जाएंगे वोट
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को मणिपुर में 2 चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों में फेरबदल किया तथा अब वहां 28 फरवरी और 5 मार्च को मतदान होगा। सूत्रों ने कहा कि चुनावों की तारीखों के पुनर्निर्धारण के कारणों में से एक कुछ ईसाई संगठनों द्वारा रविवार को चुनाव नहीं कराने की मांग थी।
आयोग ने हाल में रविदास जयंती समारोह को ध्यान में रखते हुए पंजाब में भी विधानसभा चुनावों की तारीख में बदलाव करते हुए इसे 14 फरवरी से 20 फरवरी कर दिया था। यह फैसला राज्य सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा की गई मांग के बाद किया गया था।
पहले चरण के मतदान के लिए पहले घोषित तिथि 27 फरवरी को रविवार पड़ रहा है, जब ईसाई चर्च में प्रार्थना करने जाते हैं। इससे पहले 27 फरवरी और 3 मार्च को मतदान होना था। निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि यह फैसला सूचनाओं, अभ्यावेदन, पूर्व की नजीर, साजो-सामान, जमीनी स्थितियों और 'इस मामले में सभी तथ्यों और परिस्थितियों' पर आधारित है।
आयोग ने हाल में रविदास जयंती समारोह को ध्यान में रखते हुए पंजाब में भी विधानसभा चुनावों की तारीख में बदलाव करते हुए इसे 14 फरवरी से 20 फरवरी कर दिया था। यह फैसला राज्य सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा की गई मांग के बाद किया गया था।
बयान में कहा गया है कि आयोग ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए 7 और 8 फरवरी को मणिपुर का दौरा किया और राजनीतिक दलों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और राज्य के अन्य अधिकारियों, असम राइफल्स के महानिदेशक और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ बातचीत की। इसमें कहा गया कि यात्रा के दौरान आयोग के समक्ष विभिन्न मुद्दे और जमीनी हालात की तस्वीर पेश की गई।
