भगवान श्रीकृष्ण की पुत्री का रहस्य | daughter of lord krishna
महाभारत के अनुसार विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी की इच्छानुसार भगवान श्रीकृष्ण ने उनका हरण करके उनसे विवाह किया था। रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की आठ पत्नियों में प्रथम थीं।
श्रीकृष्ण-रुक्मिणी के कुल 10 पुत्र थे- प्रद्युम्न, चारुदेष्ण, सुदेष्ण, चारुदेह, सुचारू, चरुगुप्त, भद्रचारू, चारुचंद्र, विचारू और चारू। कुछ लोग 9 पुत्रों की बात करते हैं- प्रद्युम्न, चारुदेष्ण, सुदेष्ण, चारुधाद्र, ध्रुम, सुसेना, उरुगुप्त, चारुविंद और चारुधाऊ। दोनों की एक पुत्री भी थीं जिसका नाम चारुमति था।
रुक्मणिजी से भगवान् के चारुमति नाम की एक कन्या भी थी जिसका जिक्र भागवत पुराण में किंचित मात्र किया गया है। चारुमति के बारे में विशेष कुछ नहीं लिखा है लेकिन ये बात बताई गई है कि युद्ध की समाप्ति के बाद जब कृतवर्मा फिर पांडवो में जा मिले थे तो उनके ही बेटे बलि से कृष्ण की बेटी चारुमति का विवाह हुआ था। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
