संबोधन (जन.-मार्च 2007)
|
संपादक
कमर मेवाड़ी
कार्यालय
त्रैमासिक, चाँदपोल, काँकरोली-313324
जिला- राजसमन्द, राजस्थान
फोन- (02952) 223221 मो. 0- 9829161342
अपनी बात
स्वयं प्रकाश जैसा दोस्त कोई नहीं : कमर मेवाड़ी
पत्र/आलेख
हम मश्रव-ओ हमराज है मेरा : स्वयं प्रकाश/कमला प्रसाद
संस्मरण
स्वयं प्रकाश के सठियाने पर : रमेश उपाध्याय
साक्षात्कार
उसी को देखकर जीते हैं, जिस काफिर पर दम निकले : स्वयं प्रकाश से उर्मिला शिरीष की बातचीत
कहानी
नेताजी का चश्मा/पार्टीशन : स्वयं प्रकाश
मूल्यांकन
हम तो जैसे यहाँ के थे ही नहीं : पल्लव
रचनात्मकता का अपना प्रकाश : स्वयं प्रकाश हेतु भारद्वाज
निसार में तिरी गलियों पे ए वतन : हिमांशु पण्ड्या
विमर्श
आदमी जात का आदमी : कैलाश बनवासी
साहित्यकारों के पत्र
सँभाल कर रखी हुई चिट्ठियाँ
प्रसंगवश
हमने ही उन्हें बेगाना बनाया है : स्वयं प्रकाश
समीक्षा आलेख
'फीनिक्स' में अभिव्यक्त समकालीन बोध : मलय पानेरी
ईंधन
उपन्यास का नेपथ्य : स्वयं प्रकाश
सम्मान समारोह
डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती 'रौशन' को आचार्य सम्मान : नरेंद्र निर्मल
लोकार्पण
'संबोधन' के गजल-अंक का लोकार्पण : दुर्गा शर्मा
आवरण : स्वयं प्रकाश
प्रति मूल्य : 15/- रु.
