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सिंधिया समर्थकों का भाजपा से मोहभंग, इंदौर के दो दिग्गज समर्थकों की कांग्रेस में वापसी

Indore News
भोपाल। मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे सिंधिया समर्थक नेताओं का भाजपा से मोहभंग होता जा रहा है। ग्वालियर-चंबल के बाद अब इंदौर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीब प्रमोद टंडन ने भाजपा को अलविदा बोल दिया है। भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद प्रमोद टंडन कांग्रेस के मंच पर नजर आए।

इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके प्रमोद टंडन ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मार्च 2020 में कांग्रेस छोड़कर भाजपामें शामिल हो गए थे। वहीं सोमवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद प्रमोद टंडन ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने साथ आए लोगों को दरकिनार करते हुए खुद आगे बढ़ना चाहते हैं।

प्रमोद टंडन ने कहा कि हम लोग भाजपा में एक विचारधारा के साथ गए थे लेकिन ना तो बीजेपी हमें संभाल पाई और ना ही हम एडजस्ट हो पाए। उन्होंने भाजपा पर एक तंज कसते हुए कहा, चाह नहीं सिरसा नहीं मानवा बेपरवाह जाको कछु ना चाहिए वह बड़ा शहंशाह। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं से भी कांग्रेस का दमन थामने की अपील की है।

प्रमोद टंडन के साथ राउ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट के दावेदार दिनेश मल्हार ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। ऐसा नहीं है कि प्रमोद टंडन और दिनेश मल्हार पहले सिंधिया समर्थक है जिन्होंने भाजपा को अलविदा बोला है। इससे पहले  सिंधिया समर्थक और भाजपा नेता समंदर पटेल ने भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम चुके है।
मध्यप्रदेश में जैसै विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे   मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने  वाले नेता एक के बाद घर वापसी करते जा रहे है। पिछले दिनों सिंधिया के गढ़ माने  जाने वाले शिवपुरी से आने वाले रघुराज सिंह धाकड़ के साथ शिवपुरी के कोलारस विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार रघुराज सिंह धाकड़ के साथ यादवेंद्र सिंह यादव और बैजनाथ यादव कांग्रेस में वापसी कर चुके है।

 
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विकास सिंह
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