इंडक्शन (Induction) यानी इलेक्ट्रिक चुल्हे (Electric Stoves) इंदौर (Indore) सहित देशभर में बीते हफ्तेभर से जबरदस्त डिमांड (Demand) में हैं। रिपोर्ट बता रही है कि इंदौर सहित प्रदेश में ही 50 हजार से ज्यादा ये इलेक्ट्रिक चुल्हे बिक चुके हैं और इनकी कीमतें भी दो गुनी या उससे अधिक तक वसूली जा रही है। यहां तक कि ऑनलाइन भी ये चुल्हे आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
सिलेंडरों के चल रहे टोटे के कारण वैकल्पिक साधनों की मांग बढ़ी है, तो दूसरी तरफ होटल रेस्टोरेंट, केटरिंग सहित अन्य व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि व्यवसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर सरकार ने रोक लगा दी है। सिर्फ स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल और ऐसी आवश्यक सेवाओं के लिए ही ये सिलेंडर दिए जा रहे हैं। इंदौर का सराफा कारोबार भी सिलेंडरों की कमी के चलते प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में बंगाली कारीगर भी यहां से चले गए, क्योंकि आभूषणों सहित अन्य उत्पादन सोने-चांदी के घट गए हैं। बीते दिनों कीमतों में आए एकाएक उछाल के चलते भी कारोबार में कमी आई और अब सराफा कारोबारी भी सिलेंडरों की कमी की मार झेल रहे हैं।
फीकी पड़ी बाजारों की रौकन : सराफा बाजार की रातें गरमागरम भुट्टे, गराडू, भजिए और पोहा-जलेबी की खुशबू से महकती थीं, अब वहां की रौनक फीकी पड़ गई है। सराफ बाजार के कई दुकानदारों ने गैस की कमी से जूझते हुए इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिक ग्रिल का सहारा ले लिया है। चौपाटी पर अब पारंपरिक गैस पर तले जाने वाले कुरकुरे भजिए इंडक्शन पर तलकर परोसे जा रहे हैं, जबकि सैंडविच और ग्रिल्ड आइटम्स इलेक्ट्रिक ग्रिल पर बनाए जा रहे हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया कि गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा तो क्या करें?
होटल, रेस्टोरेंट और शादियों पर असर : कमर्शियल सिलेंडर पर रोक लगाने के कंपनियों के फैसले का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, छोटे खान-पान कारोबारी, छोटे-छोटे उद्योगों व शादियों पर दिखने भी लगा है। केटरर्स, रेस्टारेंट व खान-पान कारोबारियों का कहना है, यदि सिलेंडर नहीं मिले तो जल्द ही दुकानें पर ताले लगना शुरू हो जाएंगे।
छोटी होटल व खाने पीने की दुकान चलाने वालों की स्थिति खराब होने लगी है। उनका कहना है जब से स्वच्छता अभियान चल रहा है, धुआं रहित ईंधन पर जोर दे रहे हैं। तंदूर, सिगड़ी, डीजल भट्टी पर प्रतिबंध होने से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं।
फीका हुआ सराफा का स्वाद : इंदौर की मशहूर सराफा चौपाटी न केवल अपने स्वाद, बल्कि अब अपनी आधुनिक कार्यशैली के लिए भी जानी जा रही है। सराफा चौपाटी के दुकानदारों ने पारंपरिक चूल्हों के बजाय अब इंडक्शन और इलेक्ट्रिक ग्रिल का रुख करना शुरू कर दिया है। व्यापारी अब इन संसाधनों का इस्तेमाल कर ग्राहकों को लजीज जायका परोस रहे हैं। दुकानदारों ने गैस की कमी से जूझते हुए इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिक ग्रिल का सहारा ले लिया है।
व्यापारी अब इंडक्शन पर भजिए तल रहे हैं, इससे स्वादा में थोड़ा फर्क पड़ रहा है, लेकिन काम चालू है। वहीं छप्पन दुकान जैसे फूड हब्स पर इसका असर पड़ रहा है। व्यापारी जुगाड़ कर तो रहे हैं, लेकिन इन फूड हब्स पर पहले जैसी भीड़ नहीं दिख रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal