Bhojshala Dhar: सर्वे के 19वें दिन अकल कुई से लगी दीवार पर मिली गोमुख आकृति
परिसर के अंदर खोदाई की संभावना
Bhojshala Dhar: धार की ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) में सर्वे 19वें दिन भी जारी रहा। कल मंगलवार, 9 अप्रैल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने परिसर के पिछले हिस्से में महत्वपूर्ण धरोहरों का सर्वे किया। इस दौरान हिन्दू पक्ष (Hindu side) ने दावा किया कि टीम को दरगाह क्षेत्र के पास अकल कुई से लगी दीवार में गोमुख आकृति मिली है। अन्य जानकारी के लिए परिसर के अंदर भी खोदाई की संभावना है।
माता सरस्वती के अभिषेक के बाद जल निकासी होती थी : इस दावे के अनुसार प्राचीनकाल में माता सरस्वती के अभिषेक के बाद जल निकासी इसी से होती थी। टीम ने इसे सूचीबद्ध कर लिया है। इधर चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंगलवार को हिन्दू समाज ने भोजशाला के गर्भगृह में मां सरस्वती के फोटो पर चुनरी ओढ़ाई। विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सोहन सोलंकी भोजशाला पहुंचे और आपने कहा कि यह इमारत स्वयं बोल रही है कि यह मां सरस्वती का मंदिर है।
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हिन्दू पक्ष ने इस बात पर आपत्ति जताई : हिन्दू पक्ष ने इस बात पर आपत्ति जताई कि भोजशाला परिसर में स्थित कमाल मौला दरगाह के पास बिना अनुमति लोगों का जमावड़ा और भोजन आदि कैसे बनाया जा रहा है, इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग भी की गई।
परिसर के अंदर खोदाई की संभावना : मंगलवार को टीम ने सर्वे की शुरुआत सुबह जल्दी की। टीम ने कमाल मौलाना की दरगाह के पास अकल कुई (कूप) का सर्वे जारी रखा। पीछे के भाग व आसपास खोदाई की गई। कूप के अंदर के पत्थरों की जांच के लिए विज्ञानी भी यहां पहुंचेंगे। गोमुख की जांच कार्बन डेटिंग से कर पता लगाया जाएगा कि यह कितना पुराना है?
Edited by: Ravindra Gupta

