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31 दिसंबर को जंगल में नहीं होगा मंगल, पार्टी की तो वन विभाग करेगा कार्रवाई
31 दिसंबर को जंगल में मंगल यानी नए साल का जश्न करना महंगा पड सकता है। वन विभाग ने नए साल में आउटिंग और पार्टी जैसी गतिविधियों के लिए गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत जंगल में आफ रोडिंग और सफारी जैसी गतिविधियां नहीं हो सकेंगी।
दरअसल, पिछले कुछ सालों से जंगलों में आउटिंग, पार्टी, कैंप फायर जैसी गतिविधियां बहुत ज्यादा होने लगी हैं। इससे न सिर्फ वन्य संपदा बल्कि वन्य जीवों को भी नुकसान होता है। इसके साथ ही पार्टी स्थलों के आसपास वन्य जीवों के शिकार के भी मामले सामने आने की बात वन विभाग के अधिकारियों ने कही है। जिसको ध्यान में रखते हुए इस बार वन विभाग ने जंगलों में आफ रोडिंग, सफारी और अन्य तरह की जश्न की गतिविधियां करने वालों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए है।
क्या कहा जिम्मेदारों ने : इस बारे में इंदौर के डीएफओ नरेंद्र पंडवा ने वेबदुनिया को बताया कि वन्य जीवों और वन्य संपदा को नुकसान न पहुंचे इस लिहाज से 31 दिसंबर के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। अगर किसी भी नागरिक ने बगैर अनुमति वन्य क्षेत्र में किसी तरह की ऐसी गतिविधि को अंजाम दिया, जिससे वन्य क्षेत्र और वन्य जीवों को नुकसान पहुंचता है तो उसके खिलाफ वन्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
क्यों निकाला आदेश : दरअसल, जंगलों में पार्टी करने वाले न सिर्फ वन और जीवों के लिए कई बार खतरा बन जाते हैं, बल्कि कैंप फायर से जंगलों में गंदगी भी फैलाते हैं। यहां तक कि कई बार शिकार की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसी के चलते इंदौर डीएफओ को वन विभाग ने महू, चोरल और मानपुर रेंजर से इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने और सर्तकता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
Edited bt navin rangiyall
दरअसल, पिछले कुछ सालों से जंगलों में आउटिंग, पार्टी, कैंप फायर जैसी गतिविधियां बहुत ज्यादा होने लगी हैं। इससे न सिर्फ वन्य संपदा बल्कि वन्य जीवों को भी नुकसान होता है। इसके साथ ही पार्टी स्थलों के आसपास वन्य जीवों के शिकार के भी मामले सामने आने की बात वन विभाग के अधिकारियों ने कही है। जिसको ध्यान में रखते हुए इस बार वन विभाग ने जंगलों में आफ रोडिंग, सफारी और अन्य तरह की जश्न की गतिविधियां करने वालों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए है।
क्या कहा जिम्मेदारों ने : इस बारे में इंदौर के डीएफओ नरेंद्र पंडवा ने वेबदुनिया को बताया कि वन्य जीवों और वन्य संपदा को नुकसान न पहुंचे इस लिहाज से 31 दिसंबर के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। अगर किसी भी नागरिक ने बगैर अनुमति वन्य क्षेत्र में किसी तरह की ऐसी गतिविधि को अंजाम दिया, जिससे वन्य क्षेत्र और वन्य जीवों को नुकसान पहुंचता है तो उसके खिलाफ वन्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Edited bt navin rangiyall
