प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर निशाना साधा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब जारी रहने के दौरान विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन से लेकर अमेरिका तक हाल में हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया हमारी ट्रेड डील की तारीफ कर रही है. विश्व में अस्थिरता को लेकर जो चिंता थी, वह कम हुई है।
हमारे युवाओं के लिए दुनिया का बाजार खुल चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सदन में चर्चा का स्तर थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था। विपक्ष ने मौका गंवा दिया, देश कैसे भरोसा करे। एक सदस्य आर्थिक असमानता की बात कर रहे थे, जो खुद को राजा कहलाने में गर्व करते हैं।
घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों में ताकत लगा रहे हैं। घुसपैठिए नौजवानों की रोजी-रोटी, आदिवासियों की जमीन छिन रहे हैं। यहां आकर वे हमें उपदेश दे रहे हैं। एक हमारे सदस्य काफी कुछ बोल रहे थे। जिनकी पूरी सरकार शराब में डूब गई, वह काफी कुछ बोल रहे थे।
ऐसे सभी साथियों से ये जरूर कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे। आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे। कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट... ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे, सत्ता में भागीदार रहे। राज्यों में भी सरकारें चलाने का अवसर मिला। अब डील की चर्चा होती है, नागरिकों के जीवन में बदलाव आ रहा है। इनकी प्राथमिकता अपनी जेबें भरने की रही।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश है।
21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था। मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है। आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है। उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं
राष्ट्रपतिजी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि... सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है।
ये हम सभी के लिए प्रेरक है। विकसित भारत की यात्रा में बीते वर्ष देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है। एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है। आदरणीय राष्ट्रपति जी ने बहुत ही बढ़िया तरीके से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस विषय को हम सबके सामने प्रस्तुत किया है।
प्रधानंमत्री ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था। मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है। आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है। उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं
राष्ट्रपतिजी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि... सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है।
ये हम सभी के लिए प्रेरक है। विकसित भारत की यात्रा में बीते वर्ष देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है। एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है। आदरणीय राष्ट्रपति जी ने बहुत ही बढ़िया तरीके से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस विषय को हम सबके सामने प्रस्तुत किया है।
पूरी सरकार शराब में डूबी हुई है
पीएम मोदी ने कहा कि एक सांसद बहुत सारी बातें कह रहे थे। उनकी पूरी सरकार शराब में डूबी हुई है। उनका 'शीशमहल' हर घर में नफरत की वजह बन गया... चाहे कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो - ये दशकों तक केंद्र में सत्ता में थे। वे राज्यों में भी सत्ता में थे। लेकिन उनके समय में जब डील की बात होती थी, तो उनको बोफोर्स डील याद आता था।
क्रूर सरकार गिरावट के सभी पैमानों पर नए रिकॉर्ड बना रही
पीएम मोदी ने कहा कि TMC के साथियों ने बहुत कुछ कहा। लेकिन उन्हें अपने अंदर झांकना चाहिए। एक क्रूर सरकार गिरावट के सभी पैमानों पर नए रिकॉर्ड बना रही है। लेकिन वे हमें यहां व्याख्यान दे रहे हैं। वहां के लोगों का भविष्य अंधेरे में डूब रहा है लेकिन उन्हें (राज्य सरकार) कोई परवाह नहीं है। सत्ता में रहने के अलावा उनकी कोई आकांक्षा नहीं है। वे यहां लेक्चर दे रहे हैं। दुनिया के समृद्ध देश अपने देश से अवैध निवासियों को बाहर निकाल रहे हैं। लेकिन हमारे देश में, अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है। हमारे देश के युवा ऐसे लोगों को कैसे माफ कर सकते हैं जो घुसपैठियों की वकालत करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं?
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने चर्चा सुनी, मुझे लगा कि चर्चा का लेवल थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था, खासकर उस तरफ से (विपक्ष की तरफ से)। वे सालों तक सरकार का हिस्सा रहे हैं। उस तरफ से चर्चा का लेवल थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था। लेकिन उन्होंने यह मौका भी गंवा दिया। Edited by : Sudhir Sharma