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कांग्रेस का आरोप, ऑनलाइन गेम पर कर लगाने का प्रावधान उसे वैध बनाने का प्रयास

umang singhar on hanuman ji
Congress's allegation regarding online games: कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक 2023 में संशोधन का विरोध करते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा, भोपाल से बहिर्गमन किया तथा आरोप लगाया कि यह ऑनलाइन गेम को वैध बनाने का प्रयास है। इस संशोधन में सट्टेबाजी सहित ऑनलाइन गेम पर 28 प्रतिशत कर लगाने का प्रावधान है। कांग्रेस ने कहा कि यह कदम राज्य के युवाओं के हित में नहीं है।
 
वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश जीएसटी अधिनियम में संशोधन विधेयक में कहा गया है कि राज्य में सट्टेबाजी, घुड़दौड़, कसीनो, लॉटरी, ऑनलाइन मनी गेमिंग, इंडियन पोकर, जंगली रम्मी जैसे ऑनलाइन गेम लंबे समय से खेले जा रहे हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर धन लगा हुआ है। हालांकि, सरकार को इससे कोई कर नहीं मिल रहा है।
 
मंत्री ने सदन को बताया कि केंद्र ने इन सभी गतिविधियों को जीएसटी अधिनियम के दायरे में लाकर ऑनलाइन गेम पर 28 प्रतिशत कर लगाया है। देवड़ा ने कहा कि इस संबंध में पहली बार एक अध्यादेश 27 सितंबर 2023 को मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा पारित किया गया था, लेकिन विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए सदन में पेश नहीं किया जा सका था। इसलिए इसे इस साल 27 जनवरी को फिर से पेश किया गया।
 
उन्होंने कहा कि अध्यादेश के कार्यान्वयन से पहले, ऑनलाइन गेम संचालकों द्वारा केवल प्रवेश शुल्क पर जीएसटी का भुगतान किया जाता था और वे इन ऑनलाइन गेम को संचालित करते समय करोड़ों रुपए के सौदे में शामिल होते हैं। लेकिन संशोधन के बाद इसमें भाग लेने वालों द्वारा जमा किए गए पूरे पैसे पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि यह शर्त इन ऑनलाइन गेम का विदेश से संचालन करने वालों पर लागू होगी। यह प्रावधान केंद्र में पहले से ही लागू है और पूरे संग्रह पर 28 प्रतिशत जीएसटी का कानून देशभर में लागू होगा, जबकि पहले संचालक केवल उनके द्वारा एकत्र किए गए प्रवेश शुल्क पर इसका भुगतान करते थे।
 
मामले में हस्तक्षेप करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य रामनिवास रावत ने कहा कि इससे कितनी आय की उम्मीद है और पूछा कि क्या सट्टेबाजी की कमाई से पूरा प्रदेश चलेगा। कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य भंवरसिंह शेखावत ने कहा कि अगर सरकार समाज में प्रचलित सभी बुरी चीजों को वैध कर देगी तो चीजें कैसे चलेंगी।
 
विधेयक में संशोधन का विरोध करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि  क्या आप पूरी सरकार ऑनलाइन सट्टेबाजी और सट्टा से चलाना चाहते हैं? युवाओं का क्या होगा और सरकार उनके बारे में क्या सोच रही है? उन्होंने कहा कि ऐसे कितने ऑनलाइन पंजीकरण हैं और उनमें से कितने अवैध हैं और उनके लिए आपकी नीति क्या है, आपने सदन को नहीं बताया।
 
उन्होंने कहा कि  हम इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि यह युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ होगा और हम सदन से बाहर जा रहे हैं। बाद में कांग्रेस सदस्यों ने बहिर्गमन किया, लेकिन सत्ता पक्ष ने सदन में अपनी संख्या के आधार पर संशोधनों को पारित कर दिया।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta
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