Last Modified: इंदौर ,
शनिवार, 2 जनवरी 2010 (14:15 IST)
इंदौर में भी है 'पा'
17 की उम्र में 70 जैसा शरीर
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कहते हैं बुढ़ापा बचपन का पुनरागमन होता है, जब बुजुर्ग भी बच्चों जैसी हरकतें करने लगते हैं। लेकिन यहाँ मामला जरा हटकर है। यानी बाल उम्र में ही बुढ़ापे जैसे लक्षण। उसकी उम्र महज 17 वर्ष है लेकिन शारीरिक स्थिति किसी 65-70 वर्षीय बुजुर्ग की तरह। जिद और जोश बच्चे की मानिंद ही है।
कालानी नगर में रहने वाले अनिल पचौरी का बड़ा बेटा शुभम उर्फ चीकू इसी तरह की बीमारी से ग्रसित है। मेडिकल साइंस की भाषा में इन लक्षणों वाली इस बीमारी को प्रोजेरिया के नाम से जाना जाता है जिसे हम फिल्म 'पा' में भी देख चुके हैं।
इसके प्रमुख पात्र 'ऑरो' की हरकतें तो हम फिल्म में देख चुके हैं। शुभम समझता सब कुछ है, लेकिन हावभाव में बचपना झलकता है। प्यार से चीकू के नाम से पुकारा जाने वाला यह बालक कभी हँसता है तो कभी छोटी सी बात पर गुस्सा हो जाता है। पचौरी बताते हैं कि वह बहुत जिद्दी और मूडी है। जो मन में आता है वही करता है। माँ संध्या पचौरी कहती हैं कि उसे मंदिर जाने का शौक है और घर में भी भगवान के चित्र के सामने वह अगरबत्ती जलाकर पूजा करता है।
*नहीं लग पता उम्र का अंदाजा : चीकू से पहली दफे मिलने वाला शख्स यह नहीं कह सकता कि उसकी उम्र 17 वर्ष है। पचौरी ने बताया कि अब वह कमजोर हो गया है और जल्द बीमार हो जाता है। ऐसे में उसका वजन भी महज साढ़े 9 किलो रह गया है। हीमोग्लोबिन की मात्रा भी शरीर में कम है और कुछ समय पूर्व किडनी में भी कुछ इन्फेक्शन हो गया था।
*लाखों में मिलते हैं ऐसे मामले : प्रोजेरिया के बारे में डॉ. हेमंत जैन बताते हैं कि यह बीमारी आनुवांशिक नहीं होती। इसका कारण जेनेटिक डिफेक्ट है। अब यह म्यूटेशन क्यों और कैसे होता है, इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। वैसे इस बीमारी के मरीज लाखों बच्चों में से किसी एक में ही देखने को मिलते हैं।