1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Dhar Bhojshala dispute to be heard in Indore High Court
Last Modified: इंदौर (मध्‍य प्रदेश) , रविवार, 15 फ़रवरी 2026 (18:01 IST)

धार भोजशाला विवाद, एएसआई की रिपोर्ट खुलेगी, हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

Dhar Bhojshala dispute case
Dhar Bhojshala dispute case : मध्‍य प्रदेश के धार की ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए 98 दिनों की विस्तृत वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष खोली जाएगी। सुनवाई के दौरान रिपोर्ट की प्रतियां हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सौंपी जाएंगी। यह पहली बार होगा जब खुदाई, कार्बन डेटिंग और वैज्ञानिक परीक्षणों के निष्कर्ष सार्वजनिक होंगे। भोजशाला से जुड़ा पहला विवाद 20वीं सदी की शुरुआत में शुरू हुआ।
 
खबरों के अनुसार, मध्‍य प्रदेश के धार की ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला प्रकरण में 16 फरवरी सोमवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में महत्वपूर्ण सुनवाई नियत है। यह प्रकरण न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच में क्रमांक 62 पर सूचीबद्ध है।
ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए 98 दिनों की विस्तृत वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष खोली जाएगी। सुनवाई के दौरान रिपोर्ट की प्रतियां हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सौंपी जाएंगी।
 
यह पहली बार होगा जब खुदाई, कार्बन डेटिंग और वैज्ञानिक परीक्षणों के निष्कर्ष सार्वजनिक होंगे। धार की भोजशाला लंबे समय से विवाद का केंद्र रही है। हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला की मस्जिद बताता है।
भोजशाला से जुड़ा पहला विवाद 20वीं सदी की शुरुआत में शुरू हुआ। 1902-1903 में ब्रिटिश युग के शिक्षा अधिकारी केके लेले ने मस्जिद के फर्श और दीवारों पर खुदे हुए संस्कृत श्लोक खोजे। इन शिलालेखों से यह पता चला कि यह जगह मूल रूप से सरस्वती मंदिर या फिर शिक्षा केंद्र थी।
Edited By : Chetan Gour
ये भी पढ़ें
क्‍या महिलाओं को मिलेगा सबरीमाला में प्रवेश, याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई