प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कमलनाथ पर लगाया सिख दंगों में शामिल होने का आरोप

Pragya Thakur
Last Updated: रविवार, 21 अप्रैल 2019 (00:19 IST)
भोपाल। भोपाल लोकसभा सीट की भाजपा प्रत्याशी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पर शनिवार को लगाया कि वे (कमलनाथ) वर्ष 1984 में दिल्ली में हुए सिख दंगों में शामिल थे। प्रज्ञा मालेगांव बम धमाकों की आरोपी हैं और वर्तमान में जमानत पर हैं।
साध्वी प्रज्ञा ने यहां कहा कि 1984 में (दिल्ली में) सिख दंगे हुए थे। इन दंगों के लिए दोषी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने बैठे हैं। कमलनाथ पर निशाना जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि वे किस नैतिकता के आधार पर कह रहे हैं कि साध्वी का अंत क्या है? साध्वी के अंत की बात न करें। साध्वी का आदि और अंत क्या होता है, आप इससे अनभिज्ञ हैं।

प्रज्ञा ने कहा कि अपने भ्रष्टाचारी जीवन में ईश्वर आपको (कमलनाथ) जो भी गति दे दे, लेकिन साध्वी के अंत के प्रति फिक्र मत करिए। हिन्दुत्व को आतंकवाद कहने वाले जो लोग हैं, वे देश विरोधी लोग हैं, सैन्य विरोधी लोग हैं, धर्म विरोधी लोग हैं, हिन्दुत्व विरोधी लोग हैं एवं समाज की अखंडता के विरोधी लोग हैं। वे अपने अंत की चिंता कर लें और अपने हश्र की चिंता कर लें।
मालेगांव बम धमाकों में 9 वर्षों तक जेल में मिली प्रताड़ना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि षड्यंत्रकारी किस हद तक जाते हैं। 9 वर्षों तक जो मैंने झेला है, इनाम जो आया वे आपके समक्ष है। मुझे जांच एजेंसी द्वारा क्लीन चिट दी गई। लेकिन 9 वर्षों तक इन्होंने जो मुझे अंदर रखा, मेरे जीवन के 9 वर्ष और ऊर्जावान वर्ष वे खत्म हो गए।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुंबई आतंकी हमलों में शहीद हुए एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे के खिलाफ प्रज्ञा द्वारा दिए गए विवादित बयान पर शुक्रवार को कहा था कि मैं प्रज्ञा ठाकुर के बयान की निंदा करता हूं। उन्होंने जो कहा है, वह हमारे जितने भी वर्दी में बल है, उनका अपमान है। अगर यही शुरुआत है तो मैं सोचता हूं कि प्रज्ञा का क्या अंत होगा?
मप्र के पूर्व मंत्री ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत : मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री तरुण भनोट ने महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई।

मालेगांव में 2008 में हुए विस्फोट मामले में आरोपी ठाकुर ने दावा किया था कि करकरे की मौत 26/11 मुंबई हमले में इसलिए हुई थी, क्योंकि उन्होंने उन्हें 'प्रताड़ित' करने के लिए उन्हें (करकरे) शाप दिया था। उन्होंने एक आम नागरिक के रूप में शहर के गोरखपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था। यह मामला राज्यमंत्री की हैसियत से दर्ज नहीं कराया गया था।
भनोट ने कहा कि मैंने हेमंत करकरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह पर कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर एक नागरिक के रूप में शहर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मैं एक शहीद के खिलाफ उनके बयान से आहत हूं और एक नागरिक के रूप में शिकायत दर्ज कराई है न कि मंत्री के रूप में। मैं उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहा हूं। (भाषा)

 

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