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आगरा किले में गूंजेगी छत्रपति शिवाजी की शौर्य गाथा, जयंती पर चौथी बार भव्य आयोजन

Maharaja Chhatrapati Shivaji Maharaj Wifes
ताजनगरी एक बार फिर छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और पराक्रम की गाथाओं से गूंजने वाली है। 19 फरवरी को उनकी 396 वीं जयंती के अवसर पर आगरा किले में लगातार चौथे वर्ष भव्य 'शिव जयंती उत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। योगी सरकार जिस प्रकार राष्ट्र नायकों को सम्मान दे रही है, आगरा में हो रहा यह आयोजन उसी का जीवंत प्रमाण है।
 
 औरंगजेब को करारा जवाब देने का साक्षी है आगरा किला
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आयोजक संस्था 'अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान' के अध्यक्ष विनोद पाटिल ने बताया कि आगरा किला छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वाभिमान का सबसे बड़ा साक्षी है। इसी किले में उन्होंने औरंगजेब को करारा जवाब दिया था। बुद्धिमत्ता के साथ उसकी कैद से निकल कर शिवाजी महाराज ने स्वराज्य को और मजबूत किया था। पिछले तीन सालों से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र की सरकारों और पुरातत्व विभाग के सहयोग से यहाँ यह उत्सव उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। इस बार भी यह आयोजन पूरी भव्यता से मनाया जाएगा और आगरा किला भगवामय हो जाएगा।" 
 
लेजर शो से जीवंत होगा इतिहास, जुटेंगे दिग्गज
आगरा किला में शाम छह बजे से शुरू होने वाले इस भव्य कार्यक्रम का सहसंयोजक महाराष्ट्र सरकार का सांस्कृतिक विभाग है। उत्सव में मुख्य आकर्षण शिवाजी महाराज पर आधारित 'लेजर शो' होगा। इसके साथ ही उनके जीवन पर आधारित नाटिका और गौरवशाली गीतों की प्रस्तुति होगी।
इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहेंगी।
 
राष्ट्र नायकों को सम्मान: शिवाजी के नाम पर बन रहा भव्य म्यूजियम
उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्र नायकों की विरासत को सहेजने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है। राष्ट्रवाद और आत्मसम्मान की भावना जगाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी ने सितंबर 2020 में स्पष्ट संदेश दिया था कि हमारे नायक शिवाजी हैं, मुग़ल नहीं। इसी के तहत उन्होंने ताजमहल के पूर्वी गेट के पास निर्माणाधीन 'मुगल म्यूजियम' का नाम बदलकर 'छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम' कर दिया था।
 
141 करोड़ से दिसंबर तक तैयार हो जाएगा म्यूजियम
लगभग चह एकड़ क्षेत्र में 141 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह आधुनिक म्यूजियम दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक और इंटरैक्टिव गैलरी के जरिए शिवाजी महाराज की वीरता और आगरा किले से उनके साहसपूर्ण ढंग से निकलने की ऐतिहासिक घटना को दर्शाया जाएगा।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार मिलकर 'कोठी मीना बाजार' को भी एक भव्य स्मारक के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना पर काम कर रही हैं। जहां 1666 में औरंगजेब ने शिवाजी को नजरबंद रखा था। आगरा किले के सामने पहले से ही शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो उनके अदम्य साहस की याद दिलाती है।
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