जाति को लेकर विपक्ष को पीएम मोदी ने दिया करारा जवाब, बोले

Narendra Modi
Last Updated: रविवार, 12 मई 2019 (17:54 IST)
गाजीपुर/सोनभद्र (उप्र)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी जाति को लेकर द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए शनिवार को कहा कि देश के गरीबों की जो जाति है, वही मेरी जाति है।
मोदी ने गाजीपुर और सोनभद्र में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस पूरे चुनाव के दौरान पहले चरण से सपा, बसपा वाले मेरी जाति को लेकर हमले करते रहे हैं। मैं पिछड़ी जाति में पैदा जरूर हुआ लेकिन हर पिछड़े, गरीब को इस देश का अगड़ा बनाने के लिए दिन-रात एक कर रहा हूं। मुझसे जब लोग मेरी जाति का सर्टिफिकेट मांगते हैं तो मैं कहता हूं कि गरीबी ही मेरी जाति है।

उन्होंने कहा कि जो भी खुद को गरीब मानता है, मैं उसकी जाति का हूं। इसलिए जो सामान्य समाज है जिनके गरीब बच्चों को कोई पूछने वाला नहीं था, उन गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण भी मैंने ही दिया, क्योंकि मेरी जाति गरीब की है। जिस गरीब के पास घर नहीं था, उसे घर दे दिया, क्योंकि मेरी जाति गरीब की है।
मोदी ने कहा कि सपा-बसपा के नेता गरीबी और जातिवाद के नाम पर गरीबों का शोषण करके अरबों-खरबों के मालिक बन गए। इन लोगों को तो कभी 5 साल, तो कभी 2 साल मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला, मगर मैं गुजरात का सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा। 5 साल से प्रधानमंत्री हूं। मेरा खाता देख लीजिए, कहीं पैसा और मकान मिल जाए तो कहिए।

गाजीपुर में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने साबित कर दिया कि विकास बिना किसी भेदभाव के सुनिश्चित किया जा सकता है। हम 'सबका साथ, सबका विकास' में यकीन करते हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की 'हुआ तो हुआ' टिप्पणी के जरिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों का मंत्र ही है, 'हुआ तो हुआ'। देश में गरीबी और महंगाई बढ़ती रही, मगर ये महामिलावटी कहते रहे कि 'हुआ तो हुआ'।

उन्होंने कहा कि देश का गरीब इलाज के लिए परेशान होता रहा, मगर ये महामिलावटी कहते रहे कि 'हुआ तो हुआ'। देश के हजारों गांव, करोड़ परिवार बिजली के बिना परेशान होते रहे, ये लोग कहते रहे कि 'हुआ तो हुआ'। यह अहंकार, खुद को राजा समझने और देश के लोगों को अपना गुलाम समझने की प्रवृत्ति कांग्रेस और उसके साथियों सपा, बसपा में कूट-कूटकर भरी हुई है।
उन्होंने कहा कि यह हमारी ही सरकार है जिसने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के लिए फांसी तक की सजा का प्रावधान किया है। महिला हितों और महिला सुरक्षा के प्रति हम पूरी तरह संवेदनशील हैं, लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर कांग्रेस किस तरह का काम कर रही है, वह देश आज भी देख रहा है।

मोदी ने राजस्थान के अलवर में गत 26 अप्रैल को एक विवाहिता से सामूहिक बलात्कार की वारदात का जिक्र करते हुए कहा कि उन दरिंदों को पकड़ने के बजाय वहां की पुलिस, वहां की कांग्रेस सरकार चुनाव में नुकसान होने के डर से इस केस को ही छुपाने और दबाने में जुट गई। यही कांग्रेस के न्याय की सच्चाई है। देश में असहिष्णुता बढ़ने की बात कहकर जो लोग अवॉर्ड वापस कर रहे थे, उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि अलवर कांड पर अवॉर्ड वापसी गैंग क्यों चुप बैठी है?
मोदी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के एक कथित बयान का जिक्र किया और कहा कि कुमारस्वामी के मुताबिक सेना में तो वही लोग जाते हैं जिनके पास खाने के लिए नहीं होता है। कांग्रेस, सपा, बसपा ने अपने इस साथी के बयान को अभी तक गलत नहीं ठहराया है। उनकी चुप्पी बताती है कि वो आपके इस अपमान का समर्थन करते हैं। वीर माताओं का अपमान करते हैं।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि महामिलावटी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डाल देती है। याद कीजिए, जब तीसरे मोर्चे की महामिलावटी सरकार थी, यही सपा मंत्रिमंडल में शामिल थी और इन्होंने देश का क्या हाल कर दिया था? हमारे खुफिया और सुरक्षा तंत्र से जुड़े कई लोगों ने इस बारे में बहुत कुछ लिखा है। आप पढ़ेंगे तो रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि लिखने वाले लोगों ने बताया कि किस तरह महामिलावटी सरकार ने हमारे खुफिया तंत्र को खोखला कर दिया था। इसका खामियाजा पूरे देश को लंबे समय तक भुगतना पड़ा था। तीसरे मोर्चे की सरकार ने उस वक्त जो कुछ किया, वह किसी बड़े अपराध से जरा भी कम नहीं था। वह तो वाजपेयीजी की सरकार आई, उन्होंने कदम उठाए और देश को बचा लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लेकिन दुर्भाग्य से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के जाने के बाद देश ने फिर ऐसी कमजोर और रिमोट कंट्रोल वाली सरकार देखी जिसने देश की साख को ही दांव पर लगा दिया। इतना भ्रष्टाचार, लाखों करोड़ों के घोटाले और हर तरफ त्राहि-त्राहि मची थी।
उन्होंने कहा कि आज का दिन यानी 11 मई इस बात का जीता-जागता सबूत है, जब 21 साल पहले आज ही के दिन भारत ने परमाणु परीक्षण किया था। मैं उन सभी वैज्ञानिकों को नमन करता हूं जिन्होंने अपनी मेहनत से देश को गौरव दिलाया था। वाजपेयी सरकार से पूर्व की सरकारों में वह हिम्मत नहीं थी कि वे ऐसा फैसला ले सके।

मोदी ने कहा कि यह नया भारत है, जो आतंकियों के घर में घुसकर मारता है। गुजरे 5 वर्षों में नक्सलवाद को भी हमने देश के एक बहुत छोटे हिस्से तक सीमित कर दिया है। अनपरा और ओबरा में बिजली उत्पादन होने के बावजूद बिजली देने में सोनभद्र के साथ भेदभाव किया जाता था। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने का प्रयास किया है। (भाषा)

 

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