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Written By WD

जान से प्यारा

जान प्यारा
 कुलवंत हैपी
- कुलवंत हैपी

ND
पानी की लहर की तरह आए वो
और चले गए
हम किनारों की तरह देखते रहे ये मंजर

उस मासूम को क्या मालूम
उनकी जुदाई
घोंप गई हमारे सीने में बिरह का खंजर

उनके आने से आई जिंदगी में बहार
वो क्या जाने
जाने से उनके हुई जिंदगी बंजर

हमारी नींद चैन हर खुशी ले गया
वो जान से प्यारा
हैपी अब हमारे पास रह गया पंजर।
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WD