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टीम मैनेजमेंट गलती को छुपाने की कोशिश में, वॉशिंगटन के चयन का हो रहा बचाव
भारत और दक्षिण अफ़्रीका के बीच हुए मैच के टॉस के दौरान जब भारत की प्लेइंग 11 में शामिल खिलाड़ियों के नाम बोले जा रहे थे तब पूरा स्टेडियम एक-एक नाम पर चीयर कर रहा था। हालांकि, जैसे ही लोगों को पता लगा कि उनके घरेलू स्टार अक्षर पटेल प्लेइंग 11 में नहीं हैं और उनकी जगह वाशिंगटन सुंदर खेल रहे हैं तो लोग इस एक नाम पर निराश दिखाई दिए।
नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ अक्षर को आराम देकर वॉशिंगटन को मौक़ा दिया गया था। भारत ने वॉशिंगटन के पूरी तरह फिट होने का इंतजार किया था और उनके किसी रिप्लेसमेंट की घोषणा नहीं की थी। हालांकि, इस बात की पूरी उम्मीद थी कि टीम के उप-कप्तान और शानदार फ़ॉर्म में चल रहे अक्षर इस सुपर 8 मुक़ाबले के लिए वापसी करेंगे।
अक्षर की उपस्थिति से मैच के परिणाम पर कितना असर पड़ता ये तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस का थीम यही मुद्दा रहा और भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने इस पर खुलकर बात की। उनसे सीधे ये तक पूछ लिया गया कि क्या टीम मैनेजमेंट ने टीम के उप-कप्तान को ये कह दिया कि आप एक टैक्टिकल निर्णय के चलते इस मैच में खेलने योग्य नहीं हैं।
रविवार की रात भारत ने वॉशिंगटन का उस तरह इस्तेमाल नहीं किया जिसके लिए उन्हें चुना गया था और पावरप्ले में उनसे गेंदबाज़ी ही नहीं कराई। अर्शदीप सिंह (तीन ओवर), जसप्रीत बुमराह (दो ओवर) और वरुण चक्रवर्ती (एक ओवर) ने ही पावरप्ले का अंत किया। इसके बाद तो मामला ऐसा बनता दिखा कि बीच के ओवरों में कौन अच्छी गेंदबाज़ी कर सकता है और इस मामले में अक्षर हमेशा आगे रहेंगे।
डेशकाटे ने समझाया, “शुरुआती समझ के हिसाब से ही रणनीति तैयार की गई थी। इस तरह के टूर्नामेंट में आप चाहते और उम्मीद करते हैं कि खिलाड़ी इस बात को समझेंगे कि हर निर्णय सही उद्देश्य के साथ लिया जाता है। किसी निर्धारित मैच के लिए हम सबसे मजबूत प्लेइंग 11 चुनना चाहते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि अक्षर भी इसे उसी तरह देखेंगे।”
नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ अक्षर को आराम देकर वॉशिंगटन को मौक़ा दिया गया था। भारत ने वॉशिंगटन के पूरी तरह फिट होने का इंतजार किया था और उनके किसी रिप्लेसमेंट की घोषणा नहीं की थी। हालांकि, इस बात की पूरी उम्मीद थी कि टीम के उप-कप्तान और शानदार फ़ॉर्म में चल रहे अक्षर इस सुपर 8 मुक़ाबले के लिए वापसी करेंगे।
अक्षर की उपस्थिति से मैच के परिणाम पर कितना असर पड़ता ये तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस का थीम यही मुद्दा रहा और भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डेशकाटे ने इस पर खुलकर बात की। उनसे सीधे ये तक पूछ लिया गया कि क्या टीम मैनेजमेंट ने टीम के उप-कप्तान को ये कह दिया कि आप एक टैक्टिकल निर्णय के चलते इस मैच में खेलने योग्य नहीं हैं।
डेशकाटे ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इतने सीधे तौर पर ये कहा गया। हमारी एनालिसिस में हमने पाया कि क्विंटन डी कॉक, रयान रिकलटन और डेविड मिलर ही सबसे बड़ा खतरा होने वाले हैं। जब आप दो विकल्पों में से केवल एक ही चुन सकते हैं तो हमें उसकी ओर जाना पड़ा जो पावरप्ले में गेंदबाज़ी करने का आदी है। अक्षर भी कभी-कभार पावरप्ले में गेंदबाज़ी करते हैं। लेकिन हमें लगा कि वॉशिंगटन इस चरण में अधिक प्रभाव छोड़ सकते हैं।”- 300 scoring flat highways for bilaterals and IPL.
— Mohit Tandel (@MohitTandel35) February 24, 2026
- Mindset like Pat Cummins of hitting every ball in the air over the boundary ropes.
- Relying on Ishan and Abhishek lone inning to win the match.
- Useless Washington Sundar in playing 11 instead of match winner Axar Patel.
डेशकाटे ने समझाया, “शुरुआती समझ के हिसाब से ही रणनीति तैयार की गई थी। इस तरह के टूर्नामेंट में आप चाहते और उम्मीद करते हैं कि खिलाड़ी इस बात को समझेंगे कि हर निर्णय सही उद्देश्य के साथ लिया जाता है। किसी निर्धारित मैच के लिए हम सबसे मजबूत प्लेइंग 11 चुनना चाहते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि अक्षर भी इसे उसी तरह देखेंगे।”
