अर्श से फर्श तक: वनडे विश्व-विजेता टीम का क्रिकेटर ऐसे बन गया कारपेंटर (वीडियो)
क्रिकेट का खेल आज चकाचौंध से भरा हुआ है। ऐसा लगता है मानो अगर आप एक बार इस खेल की बुलंदियों पर पहुंच गए, तो बस फिर भरपूर पैसा, नाम, शौहरत सब आपके कदमों में होगा। मगर ये दूर से जितना इंट्रस्टिंग दिखता है, उतना करीब से है, मगर हर किसी की किस्मत एक जैसी नहीं होती, जिसका एक बड़ा उदाहरण है जेवियर डोहर्टी, जिन्होंने अपने देश के लिए विश्व कप भी जीता, लेकिन अब वह एक कारपेंटर का काम कर रहे हैं।
2017 में खेला था अंतिम मैच
जेवियर डोहर्टी ऑस्ट्रेलिया के स्टार खिलाड़ियों में से एक रहे। उन्होंने 2010 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था और 2017 प्रोफेशनल क्रिकेट से जुड़े रहे। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनका जीवन काफी मुश्किल दौर से गुजरा। गुजर बसर करने के लिए डोहर्टी मौजूदा समय में कारपेंटर का काम करना पद रहा है। हाल ही में ऑस्ट्रेलियान क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें डोहर्टी एक बिल्डिंग साइट पर औजारों के साथ कारपेंट्री का काम करते नजर आ रहे थे।
क्रिकेट छोड़ने के बाद नहीं समझ आया आगे क्या करूंगा
Test bowler turned carpenter
— Australian Cricketers' Association (@ACA_Players) May 18, 2021
Xavier Doherty took some time to find what was right for him following his retirement from cricket, but he's now building his future with an apprenticeship in carpentry.#NationalCareersWeek pic.twitter.com/iYRq2m39jt
वीडियो में जेवियर डोहर्टी का बयान भी सामने आया और उन्होंने कहा, जब मैंने क्रिकेट छोड़ा तब मुझे नहीं पता था मैं आगे चलकर क्या करूंगा। ऐसे में अगले 12 महीने में मुझे जो काम मिला मैंने किया। क्रिकेट पूरा हो जाने के बाद आपको समझ आता है कि पैसे कहाँ से आएंगे। दिमाग में बस यही चलता है कि आगे क्या होगा, जिंदगी कैसी चलेगी।
उन्होंने आगे कहा"ऑस्ट्रेलियान क्रिकेटर्स एसोसिएशन की ट्रांजिशन मैनेजर कार्ला ने फोन पर मदद की और साथ ही पढ़ाई के लिए कुछ पैसे भी मिले। इससे आर्थिक सहायता मिली और
मेरा खर्चा भी कुछ कम हो गया।"
कैसा रहा अंतरराष्ट्रीय करियर
38 वर्षीय लेग स्पिनर जेवियर डोहर्टी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए चार टेस्ट, 60 एकदिवसीय और 11 टी20 आई मैच खेले। इस दौरान उनके खाते में चार टेस्ट में सात विकेट, 60 वनडे में 55 और 11 टी20 आई में कुल 10 सफलताएं आई।
