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सलासी
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अज़ीज़ अंसारी घर में मेहमान आने वाला हैउसके स्वागत की देखो तैयारीजैसे भगवान आने वाला हैक्या ये आँखों को खोलता भी हैतुमने पूछा था पहले दिन मुझसेअब वो तुतलाके बोलता भी हैकितना सुन्दर है कितना प्यारा है माँ के हाथों में खेलता बच्चाचाँद के पास एक तारा हैशेर जैसा तुझे बनाऊँगीभूक जब भी तुझे सताएगीदूध अपना तुझे पिलाऊँगीसबकी आँखों की रोशनी तू हैजबसे तू खेलता है बगिया मेंभीनी भीनी-सी फैली ख्नुशबू हैबस्ता लेकर वो पढ़ने जाता है पहले दिल से लगा के रखता था अब इसे पीठ पर उठाता हैमुश्किलें मेरी कम नहीं होंगीतू हँसेगा नहीं तो दुनिया मेंउलझनें मेरी कम नहीं होंगीअब संभलना बहुत ज़रूरी है मेरी उंगली पकड़ मेरे बच्चे तेरा चलना बहुत ज़रूरी है बच्चा खो जाए ग़म तो होता हैआज बच्चे का खो गया बचपन इस बड़े ग़म में कौन रोता है अपन चेहरे को ढाँकता बच्चाउफ़ वो कितना हसीन लगता है माँ के आँचल से झाँकता बच्चापढ़ने वो मेरे पास आते हैं भाईचारे का एकता का सबक़ बच्चे मुझको पढ़ा जाते हैंये जो बच्चे दिखाई देते हैं झूठ भी बोलते हैं आपस मेंफिर भी सच्चे दिखाई देते हैंउसका नौकर भी बनना पड़ता हैअपने बच्चे की इक हँसी के लिए मुझको जोकर भी बनना पड़ता हैमोतियों को अगर जो पाना हैसतहा पर तैरने से क्या होगातुझको गहराइयों में जाना हैग़म को इस तरह झेलता हूँ मैंजब ये हद से ज़्यादा बढ़ जाएसाथ बच्चों के खेलता हूँ मैंजो मिले उसके संग होती हैज़िन्दगानी अज़ीज़ बच्चों कीजैसे पानी के रंग होते है।