परीक्षा आ गई ना?
उनके लिए जिनकी नींद अभी खुली
जब दशहरा-दिवाली की छुट्टी थी, जब बड़े दिन की छुट्टी थी, जब ट्वेंटी-20 के पीछे छुट्टी मना रहे थे, तब पता नहीं था क्या कि मार्च में परीक्षा है? अब नए नोट्स बनाने का समय गया अब रटने का वक्त गया अब टाइम टेबल के भी खास मायने नहीं। महत्वपूर्ण है अब पॅनिक मत करो सोचो सालभर क्या कुछ पढ़ा था क्या कुछ महत्व का है उस सबको मन में पक्का करो। कितने पर्चे हैं, कितने बाकी दिन हैं, कितनी बीच में छुट्टियाँ हैं, इनमें पढ़ाई इस तरह बाँटो कि पढ़ा हुआ परीक्षा के पहले ताजा रहे। समय से सोओ, समय से जागो मंदिर भी जाओ ताकि मन शांत रहे। गुस्सा मत करो, जबान काबू में रखो चटपटे चटखारों से परहेज करो ऐन गणित से पहले अजीरण से बचो। समय से पहले परीक्षा भवन पहुँचो समय से पहले पर्चा पूरा कर लो आखिरी दस मिनट में दो गलतियाँ ढूँढोगे, चार ठीक करोगे। इतना भी कर लोगे तो हो जाएगा बेड़ा पार बीती ताहि बिसार दे आगे को करना सुधार।