बाल गीत : भारत स्वच्छ बनाऊंगी...
अम्मा के संग मैं भी घर का,
कचरा अभी उठाऊंगी।
गीला कचरा-सूखा कचरा,
अलग-अलग रखवाऊंगी।
डस्टबिन भी अलग-अलग हैं,
सूखे-गीले कचरे की।
नगर पालिका की गाड़ी में,
अलग-अलग डलवाऊंगी।
पूरा पड़ोसी गली-मोहल्ले,
के सारे बच्चों को ले।
भारत स्वच्छ बनाने की मैं,
अलख जगाने जाऊंगी।
भारत स्वच्छ बना देने के,
मैंने भी कुछ गीत लिखे।
बच्चों की टोली को लेकर,
गली-गली मैं गाऊंगी।
भारत स्वच्छ बनेगा तो हर,
घर में खुशहाली होगी।
बीमारी तब दूर रहेगी,
सबको मैं बतलाऊंगी।
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512)....
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