बाल कविता: टप्पा टप्पा टुन टुन
टप्पा टप्पा टुन टुन।
सुबह सुनहरी गुनगुन।
चिड़िया दाना चुनचुन।
मुन्नी हंसती खुनखुन।
टप्पा टप्पा टुन टुन।
सूरज निकला सुन सुन।
झरना झरता झुनझुन।
फूल उठाती चुनचुन।
टप्पा टप्पा टुन टुन।
मम्मी बोली सुनसुन।
जरा नहा लो चुनमुन।
चुनमुन रोती फुन फुन।
टप्पा टप्पा टुन टुन।
पढ़ने की हो धुनधुन।
पढ़ो किताबें चुनचुन।
शुनगुन प्यारी शुनगुन।
टप्पा टप्पा टुन टुन,
घंटी बोले घुनघुन।
पायल बाजे रुनझुन।
बूंद बरसती झुनझुन।
टप्पा टप्पा टुन टुन।
मन के सपने बुन बुन।
मेहनत करती चुनमुन।
मिले सफलता सुन सुन।
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लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा