Sankranti Kite Poem आकाश में उड़तीं रंग-बिरंगी पतंगें करती न कभी किसी से भेदभाव। जब उड़ नहीं पाती किसी की पतंगें तो देते मौन हवाओं को अकारणभरा दोष। मायूस होकर बदल देते दूसरी पतंग भरोसा कहां रह गया? पतंग क्या चीज बस हवा के भरोसे। ...