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Thu, 6 Aug 2026

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बाल गीत : गोरैया

Hindi Birds Poem
हाइकू 24 
 
चोंच में दाना 
उठा उड़ी गोरैया 
चुगाती चूजे। 
 
कब आओगी 
गोरैया मेरे द्वार 
दाना चुगने। 
 
पेड़ पर है 
तिनकों का घोंसला 
गोरैया नहीं। 
 
नन्ही गोरैया 
फुदक-फुदककर 
दाना चुगती। 
 
मुन्ने के सिर 
फुदक रहा चूजा
प्रेम बंधन। 
 
अंजुरी भर 
प्रेममयी गोरैया 
स्नेहिल स्पर्श। 
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