पत्नी : 'तुम्हें कुछ खबर भी है? अरे, हमारे मुन्ने ने चलना भी शुरू कर दिया है।' दार्शनिक पति : 'अच्छा! कब से?' पत्नी : 'दस दिन हो गए।' पति : 'अरे! तो उसे पकड़ो! अब तक तो बहुत दूर निकल गया होगा, शैतान।'
वाह साहबजादे! पन्नूजी, बेटे के साथ चीनी लेने दुकान पर पहुँचे। दुकानदार बोला- 'चीनी तो आउट ऑफ स्टॉक है।'
यह सुन बेटे ने पूछा- 'पापा! आउट ऑफ स्टॉक का क्या मतलब?' पन्नू जी ने बताया- 'बेटे! कोई चीज जब मौजूद न हो तो उसे आउट ऑफ स्टॉक कहा जाता है।' खैर, दोनों घर पहुँचे तभी किसी ने बाहर से आवाज दी। पन्नूजी ने बेटे से कहा- 'कह दे पापा घर में नहीं हैं।' साहबजादे ने बाहर जाकर फरमाया- 'अंकल! मेरे पापा आउट ऑफ स्टॉक हैं।
ले बेटा! माँ : 'पप्पू बेटे रो क्यों रहे हो?' पप्पू : 'पापा कीचड़ में गिर गए।' माँ : 'अरे तो रोना कैसा? तुम्हें तो हँसना चाहिए।' पप्पू : 'मैं पहले हँसा ही तो था।'
पराठा चिंतन! देहरादून जा रही बस में एक लड़का बार-बार उठकर कंडक्टर से पूछता- 'क्योंजी! क्या मेरठ आ गया?' तंग आकर कंडक्टर ने पूछ ही लिया- 'तुम्हें तो देहरादून उतरना है.... फिर ये मेरठ-मेरठ की रट क्यों लगा रखी है?' लड़का बोला- 'इसलिए बाबू, कि मेरी मम्मी ने मेरे साथ भरवाँ पराठे बाँधे हैं और कहा है कि जब मेरठ आ जाए तो मैं इन्हें खा लूँ।'