इंटरनेट हो बच्चों का सच्चा साथी
कंप्यूटर पर पढ़ने का है जमाना!
बच्चों की शैक्षिक यात्रा में आज कम्प्यूटर उनका हमसफर बन गया है। सूचनाओं के अथाह भंडार और मनोरंजन के स्रोत के रूप में इंटरनेट बच्चों के लिए उनके दैनिक जीवन का हिस्सा है। आज इंटरनेट शिक्षण, सकारात्मक मनोरंजन और विकास के अवसर प्रदान करता है। यह बात सही है कि आधुनिक युग में माता-पिता बच्चों के लिए इंटरनेट की उपयोगिता को समझ रहे हैं, वहीं इंटरनेट के अधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव से भी बच्चों के अभिभावक चिंतित हैं।इंटरनेट पर किसी तरह की कोई सीमा नहीं होती, यहाँ कई तरह की अनगिनत साइट खोली जा सकती है। इंटरनेट की ये विशेषता लाभदायक भी है और हानिकारक भी। आज के बच्चे जहाँ बड़ी आसानी से इंटरनेट-फ्रेंडली हो रहे हैं, वहीं वे अनजाने में कई प्रकार के दुष्प्रभावों के वशीभूत हो जाते हैं। इस संबंध में इंटरनेट और साइबर कल्चर के कुछ दोष भी हैं। बच्चे अनजाने में इंटरनेट पर कई सारी व्यक्तिगत जानकारी दे देते हैं। टीन एजर्स इस तरह बहुत सी गोपनीय बातें भी कई तरह के प्रलोभन के चलते नेट पर शेयर कर देते हैं। इसके अलावा नेट पर अनपेक्षित साइट्स भी बच्चों पर गलत प्रभाव डालती हैं। हिंसा, आश्लीलता और नशा परोसती साइट्स निश्चित रूप से अल्प आयु वर्ग के बच्चों के बौद्धिक विकास को बाधित करती हैं। इंटरनेट के इन दुष्प्रभावों ने आज बच्चों के अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।बालक-बालिका इंटरनेट का उपयोग करें, ये भी जरूरी है, लेकिन वे इसके बुरे प्रभावों से बचें, इसके उपाय भी जरूरी हैं। बच्चे इंटरनेट के आदी न हो जाएँ, सूचनाओं के विशाल भंडार में से बच्चे वही चुनें जो उनके सकारात्मक विकास में सहायक हो, यह ध्यान रखना भी आवश्यक है। आज के समय में माता-पिता ही बच्चों को सही जानकारी दे सकते हैं।फिल्टरिंग भी है बेहतर तरीका
इंटरनेट पर कई तरह के फिल्टरिंग और ब्लॉकिंग सिस्टम भी हैं, जिसमें सुविधा होती है कि आप ऐच्छिक साइट्स ही खोल सकें और अनचाही और अनोपयोगी वेबसाइट्स सर्फ ही न की जा सकें। माइक्रोसॉफ्ट इंटरनेट एक्सप्लोरर पर भी यह सुविधा उपलब्ध है कि आप अपेक्षित विषय पर आधारित साइट पर जा सकें। इंटरनेट कंटेंट रेटिंग एसोसिएशन का एक वेबसाइट रेटिंग सिस्टम है। इसके लिए इंटरनेट एक्सप्लोरर में 'टूल्स' मेनू में जाकर 'इंटरनेट ऑप्शन' चुनिए। उसमें 'कंटेंट' पर जाकर 'कंटेंट एडवाइजर' सिलेक्ट करें फिर 'इनेबल' पर क्लिक करें और रेटिंग्स विकल्प का उपयोग कर आप जिस विषय से संबंधित साइट्स चाहते हैं उसकी सूची देख सकते हैं। इसके अलावा कई इंटरनेट फिल्टरिंग सॉफ्टवेयर हैं जो अनुपयुक्त साइट्स को खुलने नहीं देते। फिल्टरिंग की सुविधा इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर भी प्रदान करते हैं। इस तरह के टूल्स का एक उदाहरण- 'एमएसएन प्रीमियम' है।बड़ों की देखरेख में बच्चे करें सर्फिंग बच्चे अनुपयुक्त साइट न देखें, इसके लिए जरूरी है कि परिवार के बड़े लोग देखरेख रखें। वैसे तो छोटी आयु के बच्चों को माता-पिता अथवा अन्य किसी बड़े पारिवारिक सदस्य के साथ बैठाकर ही सर्फिंग करानी चाहिए। बच्चों को नेट सर्फिंग की सही-सही जानकारी देनी चाहिए। शिक्षकों और नेट विशेषज्ञों के परामर्श से वेबसाइट की एक सूची निर्धारित करनी चाहिए जो बच्चों के लिए आवश्यक एवं उपयोगी हो। घर में बच्चों द्वारा इंटरनेट के उपयोग का समय भी निश्चित होना चाहिए, जिससे वे उचित समय में नेट का उपयुक्त लाभ उठा सकें। बच्चों संबंधी वेबसाइट्स और सर्च इंजन के बारे में जानकारी के लिए कई तरह के स्रोत हैं।
उदाहरण के लिए एमएसएन किड्स सर्च पर जाकर माता-पिता बच्चों के लिए अलग-अलग विषयों से संबंधित साइट्स के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं। अभिभावक जब बच्चों को नेटसर्फिंग करते हुए देख नहीं पाते तो वे ब्राउजिंग हिस्ट्री में जाकर ये देख सकते हैं कि बच्चों ने कौन-कौन सी साइट्स सर्च की हैं। इस संबंध में बच्चों के साथ बैठकर बात भी करनी चाहिए और उन्हें समझाना चाहिए कि क्या सही है क्या गलत।