H1B वीजा के नए नियमों पर भारत से अमेरिका तक बवाल, फैसले पर अमेरिकी मीडिया ने क्या कहा?
H1B वीजा के लिए अमेरिका में नया नियम लागू हो गया है। इससे भारत से अमेरिका तक हड़कंप मच गया। जानिए वॉशिंगटन पोस्ट, न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जनरल ने इस पर क्या कहा?
H1B Visa news Updates : H1B वीजा के नए नियमों से भारत से लेकर अमेरिका तक बवाल मचा हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एच-1बी वीजा के लिए एक लाख अमेरिकी डॉलर का नया शुल्क नए आवेदकों के लिए है और उन्हें इस शुल्क का एकमुश्त भुगतान करना होगा। बहरहाल सफाई से पहले ही अमेरिकी कंपनियों में हड़कंप मच गया। कई कंपनियों ने नई योजनाएं बना ली। इस मामले में क्या कहता है अमेरिकी मीडिया?
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वॉशिंगटन पोस्ट ने क्या कहा : अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के अनुसार नए एच-1बी वीजा आवेदकों पर एक लाख डॉलर फीस लगाने से कंपनियां उलझन में पड़ गईं और अस्थायी श्रमिकों में चिंता बढ़ गई। कई कंपनियां डर गई थीं कि अगर मौजूदा वीज़ा धारक एक लाख डॉलर फीस नहीं देंगे तो उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
राष्ट्रपति जो बाइडन के समय यूएस सिटीज़नशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज़ के निदेशक के वरिष्ठ सलाहकार डग रैंड के हवाले से इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कदम कोर्ट में चुनौती झेलेगा और लगभग निश्चित रूप से पलट दिया जाएगा। अगर यह नियम कायम रहता है तो इससे वैध इमिग्रेशन के लिए एक अहम रास्ता बंद हो जाएगा।
रिपोर्ट में अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जेफ जोसेफ ने कहा है कि हम दूसरे संगठनों के साथ मिलकर इस वीकेंड तक अस्थायी रोक की मांग के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। एसोसिएशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बेंजामिन जॉनसन ने कहा कि हमारे सदस्य अव्यवस्था का सामना कर रहे हैं। मैं सिर्फ भ्रम और दहशत सुन रहा हूं।
क्या कहती है वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट : अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन सिस्टम को बदलने की कोशिश से इस हफ्ते चिंता और भ्रम की लहर दौड़ गई। कर्मचारी और एंप्लॉयर रविवार की तय डेडलाइन से पहले प्रतिक्रिया देने के लिए भाग-दौड़ करने लगे। लॉ फर्म फिशर फिलिप्स की इमिग्रेशन प्रैक्टिस ग्रुप की को-चेयर शैनन आर. स्टीवेन्सन ने इस फैसले को लेकर कहा कि यह अचानक बिना किसी संकेत के आया और भयानक रहा है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेजन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य कंपनियों ने एच-1बी वीजा धारकों को देश छोड़ने से बचने की चेतावनी दी। विदेश में काम कर रहे कर्मचारियों से कहा कि वे शनिवार तक अमेरिका लौट आएं, क्योंकि बाद में दोबारा प्रवेश करना मुश्किल हो सकता है। कई एंप्लॉयर अभी भी इस घोषणा को समझने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तब तक व्हाइट हाउस सफाई दे चुका था। यह बदलाव मौजूदा वीजा धारकों पर लागू नहीं होता और नई नीति उनके अमेरिका से आने-जाने की क्षमता को प्रभावित नहीं करती। 100,000 डॉलर एकमुश्त फीस है, सालाना नहीं। व्हाइट हाउस की सफाई से पहले ही कई कंपनियां नई योजनाएं बना चुकी थीं और कई कर्मचारियों की यात्रा योजनाएं बदल चुकी थीं।
edited by : Nrapendra Gutpa
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