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पाकिस्तानी पीएम इमरान को लगेगा ‘डबल शॉक’, पंजाब की सत्ता पर भी खतरे के बादल
पाकिस्तानी पीएम इमरान खान की सियासत पर फिलहाल खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही उन्हें डबल शॉक भी लग सकता है।
दरअसल, एक तरफ विपक्ष सोमवार को संसद में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है तो वहीं देश के सबसे बड़े सूबे पंजाब की सरकार भी संकट में है।
विपक्षी दलों ने पंजाब के सीएम का उस्मान बुजदार का इस्तीफा मांगा है। यही नहीं उनके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की ओर से पेश किया गया है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद समीउल्लाह खान ने कहा कि संयुक्त विपक्ष ने सोमवार को उस्मान बुजदार के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है।
पंजाब पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है और केंद्र की सरकार बनाने के लिए इसे अहम माना जाता है। पंजाब में इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की तीन सालों से सरकार है, लेकिन उसके पास बहुमत से सिर्फ 12 विधायक ही ज्यादा हैं। ऐसे में सरकार को लेकर संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। विपक्ष के नेताओं का दावा है कि उन्हें इमरान खान की पार्टी पीटीआई के 20 अंसतुष्ट नेताओं का समर्थन है।
ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव में पंजाब में पीटीआई की सरकार गिर सकती है। यही वजह है कि विपक्षी नेता इमरान खान सरकार के अलावा पंजाब पर भी फोकस कर रही है।
172 सांसदों का समर्थन जरूरी
बता दें कि पाकिस्तान की संसद में कुल 342 सदस्य हैं, जिनमें से 172 सांसदों का समर्थन सत्ता में रहने के लिए जरूरी है। अविश्वास प्रस्ताव से पहले अपनी ताकत दिखाने के लिए इमरान खान ने इस्लामाबाद में एक बड़ी रैली भी की थी।
इसमें उन्होंने कहा था कि इमरान खान आज तक किसी के आगे झुका नहीं है। मेरे शरीर में जब तक खून रहेगा, मैं किसी के आगे अपनी कौम को झुकने नहीं दूंगा। इमरान खान ने अपने से पहले पाकिस्तान में सत्ता संभालने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे देश की सत्ता संभालने वाले नालायक थे और इसी के चलते देश पीछे रह गया, जबकि हिन्दुस्तान आगे निकल गया।
दरअसल, एक तरफ विपक्ष सोमवार को संसद में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है तो वहीं देश के सबसे बड़े सूबे पंजाब की सरकार भी संकट में है।
विपक्षी दलों ने पंजाब के सीएम का उस्मान बुजदार का इस्तीफा मांगा है। यही नहीं उनके खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष की ओर से पेश किया गया है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद समीउल्लाह खान ने कहा कि संयुक्त विपक्ष ने सोमवार को उस्मान बुजदार के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है।
ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव में पंजाब में पीटीआई की सरकार गिर सकती है। यही वजह है कि विपक्षी नेता इमरान खान सरकार के अलावा पंजाब पर भी फोकस कर रही है।
172 सांसदों का समर्थन जरूरी
बता दें कि पाकिस्तान की संसद में कुल 342 सदस्य हैं, जिनमें से 172 सांसदों का समर्थन सत्ता में रहने के लिए जरूरी है। अविश्वास प्रस्ताव से पहले अपनी ताकत दिखाने के लिए इमरान खान ने इस्लामाबाद में एक बड़ी रैली भी की थी।
इसमें उन्होंने कहा था कि इमरान खान आज तक किसी के आगे झुका नहीं है। मेरे शरीर में जब तक खून रहेगा, मैं किसी के आगे अपनी कौम को झुकने नहीं दूंगा। इमरान खान ने अपने से पहले पाकिस्तान में सत्ता संभालने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे देश की सत्ता संभालने वाले नालायक थे और इसी के चलते देश पीछे रह गया, जबकि हिन्दुस्तान आगे निकल गया।
